Dhanbad : कोयलांचल में अवैध कोयला कारोबार, लेवी वसूली और रंगदारी के नेटवर्क पर ED ने अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। मंगलवार को धनबाद में 31 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी के बाद एजेंसी ने कोयला कारोबारी और आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक एलबी सिंह से जुड़े ₹160 करोड़ से अधिक के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है। वहीं, ₹1.02 करोड़ की बेहिसाब नकदी भी जब्त की गई है। ED के अनुसार, तलाशी के दौरान 200 से अधिक चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों का ब्योरा और कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी बरामद हुये हैं। एजेंसी को संदेह है कि इनमें से कई संपत्तियां कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई हो सकती हैं।
इन लोगों के ठिकानों पर हुई कार्रवाई
ED की छापेमारी मुख्य रूप से अनिल गोयल, एलबी सिंह, झामुमो नेता हरेंद्र चौहान, गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह सहित उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के परिसरों पर की गई। एजेंसी ने संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और आगे भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है। ED के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान ₹160 करोड़ से अधिक के म्यूचुअल फंड निवेश के दस्तावेज मिले, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया। ₹1.02 करोड़ की नकदी जब्त की गई। 200 से अधिक चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुये। कई डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों का विवरण और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी एजेंसी के हाथ लगे। ED का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी, तस्करी, कोयला उठाव पर रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है। एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत यह जांच कर रही है। ED का दावा है कि प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित अपराध से अर्जित धन को विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के माध्यम से छिपाने तथा वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी धन का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किए जाने की भी जांच की जा रही है।
FIR बनी जांच की बुनियाद
ED के हवाले से मीडिया में आई खबर के अनुसार, यह कार्रवाई धनबाद जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कोयला चोरी और संबंधित मामलों की FIR के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है। अब एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और बरामद डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है।






