Bihar : बिहार राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की पहली बैठक में एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। बोर्ड के एक सदस्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ट्रांसजेंडर समुदाय का मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा। बैठक में मौजूद सदस्यों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बुधवार को आयोजित बिहार राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की पहली बैठक समाज कल्याण विभाग के तहत हुई। बैठक के दौरान बोर्ड सदस्य रंजन सिंह ने कहा कि बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय का अपना कोई मंदिर नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एक मंदिर बनाया जाये। रंजन सिंह का कहना था कि उनकी दृष्टि में मोदी सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। इसी भावना के तहत उन्होंने यह प्रस्ताव रखा।
‘सभी सदस्यों ने किया समर्थन’
रंजन सिंह ने दावा किया कि उनके प्रस्ताव को बैठक में मौजूद सभी सदस्यों का समर्थन मिला और बोर्ड ने इसे मंजूरी दे दी। हालांकि, मंदिर के निर्माण, स्थान, वित्तीय व्यवस्था या आगे की प्रक्रिया को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। बिहार सरकार ने अगस्त 2025 में बिहार राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया था। बोर्ड का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक विकास, कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाना है। रंजन सिंह ने मीडिया को बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 लागू होने के बाद यह बिहार राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की पहली बैठक थी। उनके अनुसार, इस कानून के बाद ट्रांसजेंडर समुदाय को संस्थागत प्रतिनिधित्व मिलने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।






