Kohramlive : आज से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है। इस दौरान व्रती सूर्य भगवान और छठी मैया की पूजा अर्चना करते हैं और 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं। पूजा में प्रयुक्त सुपा का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, बांस का सुपा परंपरा, प्रकृति और श्रद्धा का प्रतीक है और इसे संतान की तरक्की और जीवन में सफलता के लिए सबसे शुभ माना जाता है। वहीं, पीतल का सुपा सूर्य देव का प्रतीक है और यह वैभव, धन और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा करनी हो तो बांस का सुपा सर्वोत्तम है, जबकि आधुनिकता और वैभव को जोड़ना हो तो पीतल का सुपा भी मंगलकारी है।
महापर्व छठ : बांस या पीतल, किस सूप में अर्घ्य देने के क्या है मायने…
Date:








