Ranchi : गुमला के बसिया से गुजरने वाली कोयल नदी तट पर बालू माफियाओं का राज है। दिन हो या रात बेखौफ बालू माफियाओं का हाईवा और ट्रैक्टर धूल उड़ाते आते-जाते रहता है। माफियाओं की हिमाकत के आगे स्थानीय प्रशासन नतमस्तक है। वहीं, आम जनता हैरत में है, कुछ का कहना है कि ऐसा नहीं है कि इन बालू माफियाओं की जीवन कुंडली के बारे में स्थानीय प्रशासन को पता नहीं, उन्हें सबकुछ पता है, फिर न जाने क्यों सबकुछ जानते हुये भी मौनी बाबा बना हुआ है। बालू माफिया ने सिडिंकेट बना कर बेखूबी हर रोज नदी किनारे से 9 से 10 हाईवा बालू तस्करी करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस सिडिंकेट में एक्टिव ”सिंह बाबू” के नाम से मशहूर एक शख्स PLFI उग्रवादी संगठन के नाम पर मालामाल हो रहा है। वहीं, इनके नाम सुन पुलिस के भी हाथ-पांव फूलने लगते हैं। इस शख्स का जेल आना-जाना लगा रहता है। आला अधिकारी के निर्देश पर पकड़ा तो जरूर जाता है, पर कहते हैं ना जिसकी जेब में रिश्वत की चाबी हो, वो ज्यादा दिन हवालात में नहीं रहते।
कोयल नदी से बालू उठाने से लेकर उसे कोलेबिरा और रांची तक ठिकाने लगाने में एक दबंग युवक अपना पूरा नेटवर्क बना रखा है। उसका नेटवर्क इतना तगड़ा है कि उसे भेद पाना बहुत आसान नहीं। वह हाईवा सिडिंकेट का मालिक भी है। नदी से बालू उठाने का जिम्मा संभाल रखा है एक दागी किस्म का युवक। यह ट्रैक्टर सिडिंकेट का हेड है। इसके अंडर उसके गांव का विजय और प्रदीप लहलहा रहा है। यह दागी भाड़े पर एक हाईवा भी मंगा लिया है। कोयल नदी से बालू उठने के बाद सीधे कोलेबिरा के एक गांव में उसे स्टॉक किया जाता है। यहां से बालू को बाहर भेजने का काम कई के जिम्मे हैं। रास्ते में इन्हें रोकने, टोकने या पकड़ने वाला कोई नहीं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब जिम्मेदार खामोश हो तो हम क्या कर सकते हैं?
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