Kohramlive : एक दौर था जब बॉलीवुड की ‘लोलो‘ उर्फ करिश्मा कपूर के बिना बॉलीवुड की कोई बड़ी फिल्म पूरी नहीं मानी जाती थी। कभी एक साथ तीन-चार फिल्मों की शूटिंग करने वाली करिश्मा आज भी सुर्खियों में हैं, लेकिन अब वजह उनकी चमक-दमक नहीं, बल्कि उनके चुने हुये दमदार किरदार हैं। हाल ही में जी5 पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में करिश्मा कपूर एक ऐसी पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आई हैं, जो अपने अतीत के जख्मों से लड़ते हुये अपराधियों से मुकाबला करती है। इस भूमिका ने दर्शकों को करिश्मा का बिल्कुल नया रूप दिखाया है।
“मैं अपनी राह, अपनी रफ्तार से काम करती हूं”
लाइमलाइट से दूरी और चुनिंदा काम करने को लेकर करिश्मा कहती हैं कि उन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी है। “ओन लेन, ओन पेस, ओन रेस… मैं अपनी राह में चल रही हूं। मेरे प्रशंसक मेरी सोच को समझते हैं और यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है।”
पहले कर दिया था साफ इनकार
करिश्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में उन्होंने ‘ब्राउन’ करने से मना कर दिया था। दरअसल, निर्माताओं ने बताया कि शूटिंग के लिए उन्हें करीब दो महीने तक कोलकाता में रहना होगा। यह सुनते ही उन्होंने साफ कह दिया कि वह इतनी लंबी प्रतिबद्धता नहीं निभा पायेंगी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। निर्माताओं के लगातार आग्रह पर करिश्मा ने दो दिन बाद स्क्रिप्ट पढ़ी। जैसे ही उन्होंने रीटा ब्राउन के किरदार को समझा, उनका मन बदल गया। “स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मैं उन्हें मना ही नहीं कर पाई। रीटा ब्राउन जैसा किरदार मैंने पहले कभी नहीं किया था।”
अंदर से टूटी हुई, बाहर से मजबूत महिला
रीटा ब्राउन एक ऐसी पुलिस अधिकारी है जो निजी जिंदगी में बिखरी हुई है, लेकिन अपने काम में बेहद ईमानदार और संवेदनशील है। करिश्मा कहती हैं कि यह किरदार उनके वास्तविक व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग था। “वह शराब और सिगरेट की आदी है, अंदर से टूटी हुई है, लेकिन एक बेहतरीन पुलिस अधिकारी भी है। उसे निभाना आसान नहीं था।”
हेलन के साथ काम करना रहा खास अनुभव
सीरीज में दिग्गज अभिनेत्री हेलन भी नजर आई हैं। करिश्मा ने कहा कि बचपन से उन्होंने अपनी मां बबीता और परिवार के अन्य सदस्यों से हेलन की प्रतिभा के किस्से सुने थे। उन्होंने कहा कि आज भी हेलन की ऊर्जा और समर्पण अद्भुत है और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात है।
बिना मेकअप वाले लुक से नहीं लगी हिचक
अपनी ग्लैमरस छवि के लिए मशहूर करिश्मा इस सीरीज में बिल्कुल अलग और साधारण लुक में नजर आई हैं। इस बारे में उनका कहना है कि यही इस किरदार की सबसे बड़ी खूबसूरती थी। “मैं अपनी सीमायें तोड़ना चाहती थी। चाहती थी कि लोग मुझे एक नये रूप में देखें।” करिश्मा ने याद किया कि जब उन्होंने ‘फिजा’ और ‘जुबैदा’ जैसी महिला प्रधान फिल्मों को चुना था, तब ऐसा करना सामान्य बात नहीं थी।










