Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की शांत गलियों में इन दिनों एक हलचल है। यह हलचल अदालत की ऊंची-ऊंची दीवारों में नहीं, बल्कि उन उम्मीदों में है जो लोग अपने अधूरे मुकदमों और उलझनों को लेकर न्यायालय की चौखट तक लाते हैं। 13 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत इसी उम्मीद का नया सूरज बनने जा रही है। इसी को लेकर सोमवार को गढ़वा न्यायालय परिसर में एक अहम प्रशासनिक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष कौशल किशोर झा ने की।
जल्दी न्याय, सरल समाधान
बैठक का असली मकसद साफ था, जितना हो सके उतने मामलों का निपटारा करना। ताकि गांव-गांव से आने वाला आम आदमी बिना बरसों इंतजार किये, आसानी से न्याय पा सके। निर्णय लिया गया कि लोक अदालत में समझौते के आधार पर मामले सुलझाये जायेंगे। इनमें बैंक वसूली, बिजली बिल, टेलीफोन, परिवहन, मोटर दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक विवाद, भूमि-संपत्ति के झगड़े और छोटे आपराधिक मामले शामिल होंगे। DLSA की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने सभी विभागों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा,“लोक अदालत सिर्फ कागजों का खेल नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से निकलने वाला वह रास्ता है, जो दुश्मनी को दोस्ती में बदल सकता है। यही इसकी खूबसूरती है।” उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पहल से जुड़ सकें। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष और गढ़वा के DC दिनेश कुमार यादव और पुलिस कप्तान अमन कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।








