Kohramlive : भारत की सीमाओं पर अब हवा में भी दुश्मन का नामोनिशान नहीं बचेगा। पाकिस्तान की सीमा से सटे गांवों, कस्बों और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिये भारतीय सेना ने एक नया शस्त्र चुना है, AK-630 एयर डिफेंस गन प्रणाली, जो एक मिनट में तीन हजार गोलियां उगल सकती है और चार किलोमीटर दूर तक दुश्मन को धूल चटा सकती है। यह प्रणाली सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि मिशन सुदर्शन चक्र की आत्मा है, वही मिशन, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्प स्वरूप शुरू किया था।
चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर ने भारत को यह सिखा दिया कि अब बचाव नहीं, प्रतिकार की नीति अपनानी होगी।
जब पाकिस्तान की ओर से रॉकेट, ड्रोन और मोर्टारों ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब की बस्तियों को दहला दिया, तब भारत ने मन बना लिया अब हर हमले का जवाब “सीधी आग” से दिया जायेगा। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चेतावनी दी “अगर पाकिस्तान ने फिर जुर्रत की, तो ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में भारत संयम नहीं दिखायेगा।” इन गन प्रणालियों को सीमा से लगे घनी आबादी वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों के पास लगाया जायेगा। एडवांस्ड वेपन एंड इक्यूपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को जारी टेंडर के तहत सेना छह AK-630 सिस्टम खरीदेगी। यह सिस्टम इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल फायर कंट्रोल से लैस होगा, जो दिन-रात, हर मौसम में दुश्मन के ड्रोन और गोले का रास्ता रोक सकेगा। इसे ट्रेलर पर लगाया जायेगा और तेज रफ्तार वाहनों से कहीं भी तैनात किया जा सकेगा।
2035 तक बनेगा अजेय सुरक्षा कवच
मिशन सुदर्शन चक्र के तहत देश की रक्षा प्रणाली को मल्टी-लेयर कवच में बदला जा रहा है, जिसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और वायु रक्षा, तीनों का संगम होगा। यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, यह भारत के आत्मविश्वास की नई गूंज है,
जहां हर गोली, हर गन कहेगी, “हम शांति चाहते हैं, पर दुश्मन अगर छेड़ेगा तो आसमान भी आग उगलेगा।








