Bihar : सिंगापुर से लौटते ही राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सरकारी बंगला खाली कराने और सुरक्षा में कटौती को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली एयरपोर्ट पर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान लालू यादव ने दो टूक अंदाज में कहा, “ये सब पागल हो गये हैं। हम इनका कोई केयर नहीं करते। जो करना है, कर लें।” राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपनी बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती के साथ सिंगापुर से दिल्ली लौटे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने जब उनसे सरकारी बंगला खाली कराने और सुरक्षा कम किये जाने को लेकर सवाल किया, तो लालू ने बिना लाग-लपेट के अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। उनका कहना था कि यह सब राजनीतिक द्वेष और घृणा की राजनीति का हिस्सा है।
“15 दिन नहीं, 7 दिन में खाली कर देंगे बंगला”
वहीं मीसा भारती ने भी बिहार सरकार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके परिवार की ओर से सरकारी आवास निर्धारित समय से पहले ही खाली कर दिया जायेगा। मीसा ने मीडिया से कहा, “सरकार ने 15 दिन का समय दिया है, लेकिन हम एक सप्ताह के भीतर ही बंगला खाली कर देंगे। उस बंगले का सरकार जो चाहे उपयोग करे।” उन्होंने यह भी कहा कि परिवार इसी वजह से सिंगापुर से जल्दी वापस लौटा है, ताकि आवास खाली करने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर भी मीसा भारती ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शायद बिहार सरकार को सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की कहीं और ज्यादा जरूरत है, इसलिए लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा कम कर दी गई। मीसा ने कहा, “अब लालू जी और राबड़ी देवी को किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं है। वे जनता के दिलों में बसते हैं। उनकी सुरक्षा जनता खुद कर लेगी।”
अपनी सुरक्षा भी लौटाने का ऐलान
मीसा भारती ने कहा कि सांसद होने के नाते उन्हें भी तीन सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराये गये हैं, लेकिन अब वह अपनी सुरक्षा भी वापस करने जा रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे किसी सुरक्षाकर्मी की जरूरत नहीं है। सरकार चाहे तो उन जवानों का इस्तेमाल कहीं और कर सकती है।” बंगला और सुरक्षा विवाद के बीच मीसा भारती ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, लेकिन सरकार का ध्यान उन मुद्दों पर कम और बंगला तथा सुरक्षा जैसे मामलों पर ज्यादा है।









