Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के जमुनिया तरी गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बिरहोर जनजाति की 15 वर्षीय लड़की पूजा कुमारी, बुखार से जिंदगी की जंग हार गई। परिवार ने पहले चोरदाहा में नीम-हकीम का सहारा लिया। हालत बिगड़ी तो सामुदायिक अस्पताल ले गये। डॉक्टरों ने रातों-रात हजारीबाग रेफर कर दिया। मगर शुक्रवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं।
दुर्गम इलाका, टूटी उम्मीदें
जमुनिया तरी गांव घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा है। सड़क नहीं, संसाधन नहीं। बीमार को अस्पताल तक पहुंचाना जान पर खेलना है। कुछ लोगों का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता तो पूजा बच सकती थी? गांव में बिरहोर जनजाति के कुछ ही परिवार रहते हैं। न बिजली, न सड़क, न स्वास्थ्य केंद्र। हाल ही में इस गांव की दो बच्चियों ने मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंक ला कर उम्मीद जगाई थी। लेकिन आज पूजा की मौत ने उस उम्मीद पर काली स्याही फेर दी। पांचवीं कक्षा पास कर चुकी पूजा छठी में दाखिला लेने वाली थी। लेकिन अब उसकी किताबें, कॉपियां और सपने सब अधूरे रह गये।








