Ranchi : शहर की सड़कों पर महिलाओं के गले से चेन झपटकर पलक झपकते फरार होने वाले बदमाशों पर रांची पुलिस ने अब शिकंजा कस दिया है। पिछले दिनों लगातार हुई चेन छिनतई की वारदातों के बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जिस गैंग की तलाश तेज की थी, आखिरकार उसके तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार तीनों अपराधी कुख्यात कोढ़ा गैंग से जुड़े हैं और प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने रांची जिले में करीब एक दर्जन वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि इन अपराधियों के खिलाफ झारखंड और बिहार के अलग-अलग जिलों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, रांची के बरियातू थाना और मेसरा ओपी क्षेत्र में 3 अक्टूबर को चेन छिनतई की घटनाएं हुई थीं। इसके बाद रांची पुलिस कप्तान ने चेन छिनतई से जुड़े सभी मामलों की समीक्षा की और सभी थाना प्रभारियों को जरूरी निर्देश दिये। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये विशेष टीम गठित की गई और संदिग्धों की लगातार निगरानी शुरू हुई। इसी कार्रवाई में 4 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
पूछताछ में खुला अपराध का बड़ा नेटवर्क
गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। आरोपियों ने रांची जिले में करीब एक दर्जन कांडों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कई वारदातों में भय पैदा करने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रिंग रोड के पास चुट्टू गांव के आसपास हथियार छिपाकर रखे गये हैं। पुलिस टीम हथियार बरामद करने के लिये तीनों को लेकर वहां जा रही थी। हथियार बरामदगी के दौरान मामला अचानक बेहद गंभीर हो गया। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों में से आकाश यादव उर्फ रंगीला ने बरियातू थाना के हवलदार रविन्द्र कुमार से पिस्टल छीन ली। इसके बाद उसने फायरिंग करते हुये भागने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ते देख बरियातू थानेदार ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। इस दौरान आकाश यादव उर्फ रंगीला के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। वहीं, पुलिस ने पीछा कर अन्य दोनों आरोपियों अमन कुमार यादव एवं कार्तिक यादव उर्फ दिनेश को भी दबोच लिया। घायल आकाश को इलाज के लिये रिम्स भेजा गया है। पकड़े गये बदमाशों के पास से 1 होंडा शाइन बाइक, 1 पल्सर बाइक, 1 देशी पिस्तौल, 1 जिंदा गोली, 1 आधी चेन मिली। पुलिस के मुताबिक, इनकी गतिविधियों के तार हजारीबाग, रामगढ़ और धनबाद के अलावा बिहार के कई जिलों से भी जुड़े हैं।





