Kohramlive : रोशनी की चमक, संगीत की मधुर धुन, जापानी संस्कृति की खुशबू और हजारों खिलाड़ियों की यादों के साथ आइची-नागोया एशियाई खेलों का भव्य समापन हो गया। दो सप्ताह से अधिक समय तक चले खेलों के रोमांच के बाद रविवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 45 एशियाई देशों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को विदाई दी। इन खेलों में रिकॉर्ड भी जमकर टूटे। आयोजन के दौरान 350 से अधिक रिकॉर्ड बने, जिनमें कम से कम 50 विश्व रिकॉर्ड शामिल रहे। हालांकि खेलों से पहले और आयोजन के दौरान लॉजिस्टिक समस्याओं और कुप्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे। भारत ने एशियाड का समापन 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदकों के साथ किया। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। पिछले हांग्झोउ एशियाई खेलों की तुलना में भारत के खाते में इस बार 21 पदक कम रहे, लेकिन कई भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का तिरंगा ऊंचा रखा।
चीन फिर बना एशिया का ‘बादशाह’
चीन का दबदबा एक बार फिर कायम रहा। चीन लगातार 12वीं बार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। उसने कुल 341 पदक जीते, जिनमें 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य शामिल रहे। मेजबान जापान 269 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। जापान ने 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य जीते। वहीं दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य समेत कुल 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। समापन समारोह में भारतीय दल भी पूरे जोश में नजर आया। ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा, जिन्होंने खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता, भारतीय दल का नेतृत्व करती दिखीं। सफेद और नीले रंग की पोशाक में करीब 30 भारतीय खिलाड़ी और अधिकारी एथलीट परेड में शामिल हुये और गर्व से तिरंगा लहराया।हालांकि परेड में केवल ध्वजवाहकों ने मार्च किया और भारत की ओर से नीरू ढांडा ने तिरंगा थामा।
षट्भुजाकार मंच पर सजी जापानी संस्कृति
समापन समारोह की थीम ‘वन एशिया’ रही। स्टेडियम के बीचोंबीच बनाया गया विशाल षट्भुजाकार मंच समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। इसे जापानी गर्मियों के खास प्रतीक लालटेन से सजाया गया था। इसके बाद रंग-बिरंगी रोशनी और लेजर शो ने पूरे स्टेडियम को जगमगा दिया। नागोया के कलाकारों ने चेरी ब्लॉसम से सजी पोशाकों में शानदार प्रस्तुति दी। समापन समारोह की सबसे खूबसूरत तस्वीरों में से एक रहा बोन-ओडोरी नृत्य। जापान की धरती से निकला यह पारंपरिक नृत्य अब एशिया के कई देशों में लोकप्रिय है। ‘मत्सुकेन सांबा-2’ गीत पर हुई प्रस्तुति ने नागोया की संस्कृति, रंग और मस्ती को एक साथ मंच पर उतार दिया।
अब 2030 में दोहा में होगी मुलाकात
समापन के मौके पर एशिया ओलंपिक परिषद (OCA) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने एशियाई खेलों के समापन की घोषणा की। इसके साथ ही ओसीए का झंडा 2030 एशियाई खेलों के मेजबान कतर को सौंप दिया गया। इस दौरान कतर के ओलंपिक और विश्व चैंपियन हाई जम्पर मुताज बाशिम भी आकर्षण का केंद्र रहे। ओसीए अध्यक्ष ने कहा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों ने एशियाड के लिये मानक और ऊंचा किया है। उन्होंने एशिया के युवाओं से इस भावना को आगे बढ़ाने और चार साल बाद दोहा में होने वाले 21वें एशियाई खेलों में फिर मिलने का आह्वान किया।





