सीएम की सुरक्षा में हुई थी चूक
रांची : किशोरगंज में सोमवार के हुए बवाल का सबसे बड़ा गुनहगार पुलिस ने भैरव सिंह को माना है। उसकी तलाश में ताबड़तोड़ छापामारी की जा रही है। घर से लेकर हर संभावित ठिकाने पर हो रही है खोज। भैरव के बहनोई अविनाश सिंह को उठा ले गई पुलिस। भैरव सिंह राम सिंह का भगिना है। भैरव के नहीं मिलने पर देर रात को राम सिंह, उसके 2 नाबालिग बेटे, राधामोहन और मधुसूदन को भी उठा ले गई पुलिस। घर वालों से कहा हाजिर करो भैरव सिंह को।
ओरमांझी में एक लड़की की सिर कटी लाश मिलने के बाद सोमवार के सड़क पर उतार आए थे लोग। जनाक्रोश उबाल पर था, सीएम के काफिले को भी रोका गया। एस्कॉर्ट में शामिल एक गाड़ी पर किया गया था हमला। बाद में सीएम को बदलना पड़ा था अपना रास्ता। इसे सीएम की सुरक्षा में भारी चूक माना गया। एक इंस्पेक्टर तक हुए थे घायल। जिस तौर तरीका और अंदाज से लोग सड़क पर उतर आये थे उसे माना जा रहा है एक राजनीतिक स्टंट।
भैरव सिंह की खोज में लगायी गयी 4 थानों की पुलिस, कमान एक डीएसपी को
किशोरगंज बवाल कांड में मोस्ट वांटेड बन गये भैरव सिंह की खोज में 4 थानों की पुलिस को लगाया गया है। कमान कोतवाली डीएसपी को सौंपी गयी है। कोतवाली, डेलीमार्केट लोअर बाजार और सुखदेवनगर थानों की पुलिस शामिल है। भाजपा के युवा नेता शक्ति रामायण सिंह को भी हिरासत में लिया गया था। पर उन्हें भोर 5 बजे छोड़ दिया गया। बाकी राम सिंह और उसके दो नाबालिग बेटे, दो भजीते और एक दामाद को कोतवाली थाना में रखा गया है। इन सभी को एक ही टास्क दिया गया है… भैरव सिंह को हाजिर करो, सब को छोड़ देंगे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार किशोरगंज बवाल में राम सिंह उसके बेटे, भतीजों और दामाद का कोई लेना देना तक नहीं। घटना के समय सभी घर में मौजूद थे.
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