Khunti : मारा गया ग्राम प्रधान बयार सिंह मुंडा अपराधी प्रवृत्ति का था। नक्सली कांड में शामिल रहने के जुर्म में वह वर्ष 2011 में जेल गया था। वह कुंदन पाहन के दस्ता से जुड़ा हुआ था। उसके बुलावे पर गांव में भाकपा मओवादियों का आना-जाना लगा रहता था। ग्राम प्रधान के बुरे बर्ताव से गांव के लोग परेशान थे। वहीं, ग्राम प्रधान बयार सिंह का भतीजा सिंगराय हरिबीना की चाहत थी कि वह गांव का ग्राम प्रधान बने। इस कारण ग्राम प्रधान बयार सिंह मुंडा, उसके बेटे सिंगा मुंडा उर्फ बुधराम और बहू मानी हरिबीना की नृशंस हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस को अंजाम देने में 20 से ज्यादा लोग शामिल थे। ज्यादातर लोग गांव के ही हैं। कांड में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार लोगों मे भतीजा सिंगराय भी शामिल है। इस बात का खुलासा आज खूंटी पुलिस कप्तान अमन कुमार ने किया। गिरफ्तार लोगों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। बीते मंगलवार को ही बैठक हुई थी। उस रात बारिश हो जाने की वजह से मामला टल गया। अगले दिन यानी बुधवार को फिर से गांव में बैठक हुई बैठक में फैसला लिया गया कि ग्राम प्रधान और उसके बेटे की हत्या कर देने के बाद उसका वंश खत्म हो जाएगा। तब उसके भतीजे सिंगराय को गांव को ग्राम प्रधान बना दिया जाएगा।
खूंटी के इस ट्रिपल मर्डर केस में उग्रवादियों और नक्सलियों की कोई संलिप्तता नहीं है। यहां याद दिला दें कि एक सितंबर की रात लाठी-डंडे और तेज धारदार हथियार से मारकर ग्राम प्रधान उसके बेटे और बहू की हत्या कर दी गई थी। इस कांड का खुलासा करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। खूंटी के एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई गई थी, जिसमें अड़की थानेदार नरसिंह मुंडा, मुरहू थानेदार पंकज कुमार दास और सायको थानेदार रितेश कुमार महतो को भी शामिल किया गया था। सुनें क्या बोले खूंटी पुलिस कप्तान अमन कुमार…
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