Ranchi : राजधानी रांची की सड़कों पर आज बड़ी संख्या में JSSC CGL के बर्खास्त किये गये अभ्यर्थी तिरंगा लेकर सड़क पर उतर आये। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक मेहनत की, परीक्षा दी, चयन प्रक्रिया पूरी की और आखिरकार नियुक्ति का इंतजार खत्म हुआ। लेकिन नियुक्ति मिलने के बाद जब उसे रद्द कर दिया गया, तो उनके सामने एक बार फिर वही पुराना सवाल खड़ा हो गया, अब आगे क्या? उनका कहना है कि हजारों चयनित अभ्यर्थी रोजगार और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। नियुक्ति रद्द होने के बाद परिवारों पर भी आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ा है। अभ्यर्थी सरकार से मामले का स्थायी और न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाये। तिरंगा यात्रा के दौरान छात्रों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज था। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिये नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिये है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार उनकी स्थिति को समझे और ऐसा रास्ता निकाले, जिससे चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर लगा अनिश्चितता का बादल छंट सके। तिरंगा यात्रा में शामिल अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की कि मामले को लंबा खींचने के बजाय जल्द कोई सकारात्मक पहल की जाये। उनके मुताबिक, हर बीतता दिन उनके लिये भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता है।








