Ranchi : झारखंड की मिट्टी की खुशबू और आदिवासी अस्मिता का झंडा उठाये चलने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बिहार विधानसभा चुनाव से किनारा करने का ऐलान कर सियासत के गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। कुछ ही समय पहले स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा करने वाली यह पार्टी अब गठबंधन की ‘धोखेभरी राजनीति’ पर खुलकर बरस पड़ी है।
नगर विकास मंत्री और झामुमो के बिहार चुनाव प्रभारी सुदिव्य कुमार सोनू ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक-एक शब्द तड़प के साथ बोला। उन्होंने कहा कि बहुत दुख और आक्रोश के साथ कहना पड़ रहा है कि राजद (राष्ट्रीय जनता दल)और कांग्रेस (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) ने झामुमो के साथ खुला राजनीतिक धोखा किया है। गठबंधन के नाम पर हमें अंधेरे में रखा गया, हमारी हिस्सेदारी को साजिश के तहत कुचल दिया गया। सोनू ने भावुक अंदाज में याद दिलाया कि 2019 में जब हेमंत सोरेन की सरकार बनी, तो झामुमो ने राजद को मंत्री पद देकर भरोसे की मिसाल पेश की थी।2020 में भी गठबंधन को मजबूती दी गई। लेकिन अब वही राजद और कांग्रेस अपने स्वार्थ में अंधे होकर हमें दरकिनार कर गये। यह केवल झामुमो के साथ नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा के साथ विश्वासघात है। सोनू ने तीखे शब्दों में कहा कि राजद नेतृत्व की यह चालबाजी झामुमो को कमजोर करने की साजिश है। लेकिन याद रखिये, धोखे की राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चलती। अब हिसाब होगा। उन्होंने आगे जोड़ा यह धोखा झारखंड के आदिवासियों के साथ किया गया है। झारखंड की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।
अब गठबंधन की समीक्षा होगी
सोनू ने साफ़ शब्दों में कहा कि बिहार में झामुमो इंडिया गठबंधन का मजबूत स्तंभ बन सकता था, लेकिन उसे षड्यंत्रपूर्वक दरकिनार कर दिया गया। अब वक्त आ गया है कि झारखंड में गठबंधन की समीक्षा हो, और असली साथियों की पहचान की जाये।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने हमेशा गठबंधन धर्म का परम कर्तव्य निभाया है, लेकिन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में झारखण्डी हितों और झारखण्डी चेतना के साथ विश्वासघात हुआ है और हम झारखण्ड के लोग इसे भूलेंगे नहीं।
हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा एक बड़ी ताकत है, तथा… pic.twitter.com/H9cfV8m9Sw
— Sudivya Kumar (@kumarsudivya) October 20, 2025












