Ranchi : युवा CM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के लिए आज ऐतिहासिक और गौरव का दिन है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। वहीं, राज्य अपनी स्थापना की 23वीं वर्षगांठ मना रहा है। CM ने कहा कि झारखण्ड की धरती ऐसे अनेक वीर सपूतों की जननी रही है, जिनके त्याग और बलिदान की संघर्ष गाथा राष्ट्र और राज्य के लिए कुछ करने की प्रेरणा देती है, वहीं साहस और बल प्रदान करती है। पूर्वजों ने लंबा संघर्ष किया। इस आंदोलन में अनगिनत लोगों ने अपनी शहादत दी। हमें अपने पूर्वजों के सपनों का झारखंड मिलजुल कर बनाने का प्रयास करना होगा। झारखण्ड के उन सच्चे सपूतों को भी शत-शत नमन। मौका था रांची के मोरहाबादी में आयोजित स्थापना दिवस समारोह का।
मौके पर CM ने कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। वहीं, नई नीतियों का लोकार्पण, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण एवं युवाओं को ऑफर लेटर दिया। खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि भी दी। CM ने कहा कि हम सब मिलकर सुखी, समृद्ध एवं विकसित झारखंड बनाने का संकल्प लें। मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद गर्वनर सी. पी. राधाकृष्णन, विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
CM ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर PM नरेंद्र मोदी का झारखंड की धरती पर आगमन हुआ। उनके द्वारा खूंटी के उलिहातू गांव में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करना और उनके वंशजों से मुलाकात करना काफी अविस्मरणीय रहा। CM ने कहा कि यह चिंता की बात है कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है । देश का 42 प्रतिशत खनिज संसाधन यहां है। राज्य का 50 प्रतिशत हिस्सा जल- जंगल -जमीन और झाड़ से घिरा है। यहां कई बड़े औद्योगिक संस्थान है। फिर भी इसकी गिनती देश के पिछड़े राज्य में होती है। यहां के आदिवासी- मूलवासी सिर्फ गरीब ही नहीं हैं, बल्कि सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक, हर स्तर पर हासिये पर हैं। लेकिन, अब पीछे देखने की बजाय राज्य कैसे आगे बढ़े, इस पर हमें मंथन करना होगा। राज्य की विकास यात्रा शुरू की है, वहीं झारखण्ड अपनी ऊर्जा, क्षमता, कौशल एवं आत्मविश्वास के बल पर देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
CM ने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। उनके जीने-खाने का मुख्य जरिया कृषि, पशुपालन और मजदूरी है। इन्हें और कैसे सशक्त बनाया जाये? इनकी कमाई में कैसे इजाफा हो? कृषि और पशुपालन की पारंपरिक व्यवस्था कैसे मजबूत हो? इस दिशा में सरकार बेहद गंभीर है। ऐसे में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम सरकार कर रही है। CM ने कहा कि वे अपने वादे को पूरा करते हुये अबुआ आवास योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत बेघरों को घर दिया जायेगा। अगले 3 साल में 8 लाख परिवारों को घर देने की योजना है। इस वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख घर बनाने का काम बड़ी तेजी से चल रहा है।
बच्चों को दे रहे बेहतर शिक्षा
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार निजी विद्यालयों की तर्ज पर बेहतर शिक्षा दे रही है। CBSC से संबद्ध 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किये गये हैं। वहीं, माली हालत से कमजोर छात्रों को मदद करने के लिहाज से गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लाई गई है। मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा एकलव्य प्रशिक्षण योजना के माध्यम से छात्र/छात्राओं को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। वहीं, कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। अब विद्यार्थियों को सिर्फ पढ़ने की जरूरत है । उनके लिए अनाज भी सरकार देगी और भोजन बनाने के लिए रसोईया भी रहेगा । छात्रावास की सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैयार किए जायेंगे। हाई एजुकेशन के इच्छुक छात्रों को विदेश तक पढ़ने-लिखने भेजा जा रहा है। इसके लिये मराड गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। उच्च शिक्षा पर होने वाले सारे खर्च सरकार दे रही है। CM ने कहा कि राज्य में सड़क मार्ग, रेल मार्ग एवं वायु मार्ग का विस्तार हुआ है। पर्यटन, औद्योगिक एवं आर्थिक महत्व के केन्द्रों को उन्नत सम्पर्क प्रदान किया गया है। ग्रामीण पथों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। वहीं, राजधानी रांची को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिहाज से फ्लाई ओवर बनाये जा रहे हैं।
हर चेहरे पर खुशी लाने का कर रहे हैं प्रयास
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रचार-प्रसार से कोसों दूर होकर वे काम कर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं, समाज के दबे-कुचले, आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिला, नौजवान और किसान- मजदूर, हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका मकसद है। इसी दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। CM ने कहा कि झारखंड के विकास की गाथा रोजगार के बढ़ते आंकड़े बयां कर रहे हैं। हजारों को नौकरी दे दी गई, वहीं करीब 38 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में स्वच्छ एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए झारखण्ड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक, 2023 विधानसभा से पारित कराया गया है।
CM ने कहा कि सरकारी नौकरी देने के साथ रोजगार मेला के माध्यम से अब तक 30 हज़ार नौजवानों को ऑफर लेटर दिया जा चुका है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने एक कानून बनाया है, जिसके तहत राज्य के अंदर स्थित निजी कंपनियों को 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय युवाओं को देना अनिवार्य होगा। CM ने कहा कि राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्ग एवं दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार/स्वयं के व्यवसाय शुरू करने के लिये सस्ते एवं अनुदानित दर पर लोन देने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना शुरू की गई है।
सरकार दरवाजे पर पहुंचकर योजनाओं का दे रही लाभ
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि दफ्तरों के चक्कर काटने के दिन लद गये। अब खुद सरकार ”आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर लोगों के दुख को दूर कर रही है। पंचायत स्तर पर कैंप लगा कर सरकारी योजनाओं से आम नागरिकों को जोड़ा गया है। वर्ष 2021 एवं वर्ष 2022 में इस कार्यक्रम से बेहतर परिणाम मिले, जिसके चलते फिर से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। राज्य सरकार लगभग 35 लाख लाभुकों को विभिन्न योजना के तहत पेंशन दे रही है।
महिला सम्मान और सशक्तिकरण हमारी विचारधारा है
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि महिलाओं का मान-सम्मान, महिला सशक्तिकरण उनके लिए सिर्फ नारा नहीं बल्कि उनकी विचारधारा है। सरकार द्वारा हर स्तर पर महिलाओं के भले के लिये काम किया जा रहा है। उच्चतर कक्षाओं में बालिकाओं के विद्यालय परित्याग की गति को कम करने, उनके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के उद्धेशय से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना चल रही है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, राज्य समन्वय समिति के सदस्य राजेश ठाकुर, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह , राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे , सचिव डॉ मनीष रंजन और सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और आला अधिकारी मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : मैंने समाज के आखिरी व्यक्ति का नमक खाया है, मैं कर्ज चुकाने आया हूं : पीएम मोदी




