Ranchi : विश्व आर्थिक मंच (WEF) दावोस में झारखंड ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार और टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई अहम बैठक में राज्य में 11,000 करोड़ रुपये के ग्रीन स्टील निवेश पर सहमति बनी। इस दौरान आशय पत्र और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किये गये। ग्रीन स्टील निवेश के तहत हिरसाना ईजी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में ₹7,000 करोड़, कॉम्बी मिल परियोजना में ₹1,500 करोड़, टिनप्लेट विस्तार परियोजना में ₹2,600 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। ये सभी परियोजनायें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत पर्यावरण-अनुकूल तकनीक पर आधारित होंगी।
मुख्यमंत्री का विजन: विकास भी, पर्यावरण भी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड सरकार टिकाऊ औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी झारखण्ड को हरित औद्योगिक परिवर्तन का अग्रणी राज्य बनायेगी और जलवायु-अनुकूल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती देगी। इसी क्रम में हिताची कंपनी ने भी विद्युत, उन्नत ग्रिडिंग और आधुनिक अवसंरचना में निवेश का प्रस्ताव रखा। दावोस में मुख्यमंत्री को WEF द्वारा व्हाइट बैज से सम्मानित किया गया। झारखण्ड सरकार और WEF के बीच क्रिटिकल मिनरल्स, नई ऊर्जा, जलवायु एवं जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों पर सहयोग को लेकर औपचारिक पत्र सौंपा गया। वहीं, स्वीडन ने अर्बन ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में सहयोग और निवेश में गहरी रुचि दिखाई है। इस दिशा में अप्रैल में भारत-स्वीडन राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की जायेगी।
महिला नेतृत्व पर भी मंथन
वर्ल्ड विमन लीडर्स फोरम के साथ बैठक में महिला राजनीतिक नेतृत्व, विशेषकर हाशिये की महिलाओं को सशक्त करने पर चर्चा हुई। भारत चैप्टर की स्थापना और गैर-दलीय महिला मंच के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी.वी. नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल की सेसिलिया ओल्डने, वुमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिलवाना कोच-मेहरिन, WEF के विराज मेहता, हिताची इंडिया के भारत कौशल और टेक महिंद्रा के साहिल धवन सहित कई वैश्विक दिग्गज शामिल रहे।












