Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि सरकार अदालत के आदेश को नजरअंदाज कर कानून के शासन (रुल ऑफ लॉ) का गला घोंट रही है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुये राज्य के मुख्य सचिव को 25 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
जनवरी 2024 से लटका है मामला
याचिकाकर्ता रोशनी खलखो की ओर से दाखिल अवमानना याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2024 को ही 3 सप्ताह के भीतर चुनाव की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया था। इसके बाद जनवरी 2025 में मुख्य सचिव ने कोर्ट को 4 माह में चुनाव कराने का अंडरटेकिंग भी दिया था, लेकिन अब तक न तो चुनाव हुआ और न ही “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया पूरी हुई है। चुनाव नहीं होने की वजह से झारखंड के 9 नगर निगम, 21 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत का संचालन अधिकारियों के भरोसे चल रहा है।
कहां-कहां होने हैं चुनाव?
नगर निगम: रांची, हजारीबाग, धनबाद, देवघर, मेदिनीनगर, गिरिडीह, चास, आदित्यपुर, मानगो
नगर परिषद: दुमका, गोड्डा, गढ़वा, चाईबासा, जुगसलाई, रामगढ़, पाकुड़, मधुपुर, चक्रधरपुर समेत 21
नगर पंचायत: खूंटी, सरायकेला, कोडरमा, मझिआंव, महगामा, जामताड़ा, चाकुलिया समेत 19






