Latehar : लातेहार के सदर प्रखंड के जोगनाटांड की धरती वीर रस से सराबोर हो उठी, जब अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर के 166वें शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किये गये। हर आंख में गर्व था, हर दिल में जोश। पूरे इलाके में देशभक्ति की लहर दौड़ रही थी, मानो शहीदों की आत्मा स्वयं आशीर्वाद देने आई हो। इस अवसर पर कल्याण एवं अनुसूचित जनजाति मंत्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने कहा,“नीलांबर-पीतांबर केवल दो नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देती है।”
अंग्रेजों की हुकूमत को हिला देने वाले योद्धा
1857 के स्वतंत्रता संग्राम का दौर था। अंग्रेजों का अत्याचार चरम पर था, लेकिन झारखंड की भूमि ने अपने वीर सपूतों को जन्म दिया था। नीलांबर-पीतांबर ने गोरिल्ला युद्धनीति अपनाकर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी। ‘पीपुल्स वॉर सैन्य संगठन’ बनाकर उन्होंने संग्राम का बिगुल फूंका और अंग्रेजों को यह एहसास दिला दिया कि यह धरती गुलामी की बेड़ियों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। इस मौके पर स्थानीय लोग, छात्र-छात्राएं और समाज के हर तबके के लोग वीर शहीदों की प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक हुये और संकल्प लिया कि उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
वीरों की याद में उमड़ा जनसैलाब
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ राम, आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई, एसडीओ अजय रजक समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे। मंच से उठती आवाज़ों में नीलांबर-पीतांबर के अदम्य साहस और शौर्य की गूंज सुनाई दे रही थी।








