Ranchi : इस साल जनवरी से जून 2025 तक के आंकड़े शासन-प्रशासन की आंखें खोलने के लिये काफी है। जंगल, जहर और जाल के बीच झारखंड पुलिस की ‘जंग’ जारी है। अब कोई न ‘बचा’ है और न ‘बख्शा’ गया है। पुलिस ने सीधे जड़ पर प्रहार किया है, 113 हथियार बरामद किये, जिनमें 31 वो भी शामिल हैं जो पुलिस से छीने गये थे। 179 IED बम निष्क्रिय किये गये। 8591 गोलियां, 4.5 लाख की लेवी और सैकड़ों किलो विस्फोटक जब्त किये गये। RCM से लेकर CCM तक पुलिस गिरफ्त में आये। 197 नक्सली धराये, जिनमें करोड़ों के इनामी शामिल हैं। 1 करोड़ के ईनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी मारे गये। 15 लाख के ईनामी रणविजय महतो और आक्रमण गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया। गौतम यादव, कुंदन खेरवार, मनीष यादव, संजीत गिरि, पप्पू लोहरा जैसे खूंखार उग्रवादी कभी जिनका नाम सुनकर गांवों में सन्नाटा छा जाता था, आज वो पुलिस की गिरफ्त में हैं।
साइबर माफिया की कमर टूटी
620 केस, 767 गिरफ्तारी, 54 लाख की जब्ती, मोबाइल-सिम से लेकर स्वाइप मशीन तक जब्त किये गये NCRP डायल 1930 के माध्यम से 15.90 करोड़ रु फ्रीज हुये। ये वो पैसा है जो आम आदमी की जेब से ठगा गया था। हद तो तब हुई जब स्टॉक मार्केट के नाम पर फर्जी ट्रेडिंग कर रहे गिरोह को दबोच कर पुलिस ने ठगों के रोजमर्रा की ‘डेली हाजिरी रजिस्टर’ तक जब्त कर लिया।
नशे के सौदागरों का सर्वनास
20.44 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद हुये। गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर, डोडा, टैबलेट्स, इंजेक्शन…चतरा में 68 लाख कैश, अफीम, ब्राउन शुगर और ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़। पांडेय से लेकर अमन साहू, सुजीत सिन्हा, अमन श्रीवास्तव जैसे 12 गैंग ध्वस्त। HuT जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से जुड़े 5 कट्टरपंथी गिरफ्तार, साथ में हथियार, लैपटॉप, प्रतिबंधित साहित्य बरामद। झारखंड की धरती को खलीफा की फसल उगाने नहीं दी जायेगी ये पुलिस का दो टूक संदेश है। जमुआ, धनबाद, बोकारो हर जगह अवैध गन फैक्ट्रियों की जड़ें उखाड़ फेंकी गईं। कोडरमा में 70 लाख के सोने की बरामदगी की गई। चाईबासा में बैंक से फर्जी साइन कर करोड़ों की निकासी करने वालों की गिरफ्तारी हुई। रांची-बरियातू में फायरिंग, कांके में मर्डर सबका उद्भेदन और अपराधियों की धरपकड़ हुई। इसी तरह 15,000 एकड़ में लगी अफीम की फसल जला दी गई। 89 लोग सलाखों के पीछे है। जो जहर बो रहे थे, अब वही खेत खाली हो गये। जनवरी-जून 2025 में 119 खूंखार अपराधियों पर CCA का प्रस्ताव अब न बेल, न बेलगाम।
अंदर से मजबूत होती पुलिस
108 आश्रितों को नौकरी मिली, 2101 को ACP/MACP का लाभ मिला, 64 इंस्पेक्टर DSP बने। सेवा-सम्मान में कोई कसर नहीं। अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट में 5 पदक झटके। राष्ट्रीय खेलों में झारखंड पुलिस के खाते में 4 मेडल आये। इधर, 4158 शिकायतें आई, जिनमें से 3464 का समाधान किया जा चुका है। पुलिस अब सिर्फ कार्रवाई नहीं कर रही, जनसुनवाई की मिसाल भी पेश कर रही है।












