Kohramlive : मोदी मंत्रिमंडल के तेज-तर्रार और बेहतरीन आउटपुट देने वाले मंत्रियों में नितिन गडकरी टॉप पर हैं। यदा-कदा वह ऐसी बातें करते हैं, तो जरा हटकर होती हैं। हाल ही उन्होंने मौजूदा राजनीति को उन्होंने मन की टीस को ज़ुबान पर दिया है। फिर चर्चा का बाजार गर्म हो गया कि कहीं गडकरी राजनीति से अलग रास्ता तो नहीं तलाया रहे। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान साफ कहा कि कभी-कभी मन करता है कि राजनीति ही छोड़ दूं। समाज में और भी काम हैं, जो बिना राजनीति के किए जा सकते हैं।
अब राजनीति सिर्फ सत्ता के लिए
गडकरी ने कहा कि महात्मा गांधी के समय की राजनीति और आज की राजनीति में बहुत बदलाव हुआ है। बापू के समय में राजनीति देश, समाज, विकास के लिए होती थी, लेकिन अब राजनीति सिर्फ सत्ता के लिए होती है। हमें समझना होगा कि राजनीति का क्या मतलब है। क्या यह समाज, देश के कल्याण के लिए है या सरकार में रहने के लिए है। मेरा मानना है कि राजनीति सामाजिक-आर्थिक सुधार का एक सच्चा साधन है। इसलिए नेताओं को समाज में शिक्षा, कला आदि के विकास के लिए काम करना चाहिए।
गिरीश गांधी के सम्मान समारोह में शामिल हुए
बता दें कि गडकरी नागपुर में सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश गांधी को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। पूर्व एमएलसी गिरीश गांधी पहले एनसीपी के साथ थे, लेकिन 2014 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। गडकरी ने कहा कि जब गिरीश भाऊ राजनीति में थे, तो मैं उन्हें हतोत्साहित करता था, क्योंकि मैं भी कभी-कभी राजनीति छोड़ने के बारे में सोचता हूं। राजनीति के अलावा जीवन में कई चीजें हैं जो करने योग्य हैं।
पहले एकबार क्या कहा था
नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उनका एक और बयान बड़ा चर्चित हुआ था। गडकरी ने कहा था कि आजकल हर किसी की समस्या है, हर कोई दुखी है। जो मुख्यमंत्री बनते हैं, वो इसलिए परेशान रहते हैं कि पता नहीं कब हटा दिया जाए। विधायक इसलिए दुखी हैं, क्योंकि वो मंत्री नहीं बन पाए। मंत्री इसलिए दुखी हैं, क्योंकि उन्हें अच्छा विभाग नहीं मिला। अच्छे विभाग वाले इसलिए दुखी हैं, क्योंकि वो मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।
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