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ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा ईरान-अमेरिका तनाव…

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Kohramlive : दुनिया की नजरें एक बार फिर पश्चिम एशिया के आसमान पर टिक गई हैं। जहां कभी बातचीत की उम्मीद दिखाई दे रही थी, वहां अब फिर से धमाकों की आवाज गूंजने लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा बड़े सैन्य हमले की चेतावनी देकर वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमला किया है और जरूरत पड़ी तो फिर से भीषण कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह बयान तुर्किये की राजधानी अंकारा में NATO Summit 2026 से इतर एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान दिया।

ट्रंप की सख्त चेतावनी, आज रात भी हमला संभव

ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर पूछे गये सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमला किया है और जरूरत पड़ने पर दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लगातार आक्रामक रवैया अपना रहा है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का नया केंद्र

अमेरिका का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का कारण होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों पर हुये कथित हमले हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिये व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता है तो अमेरिका उसके नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना सकता है। उन्होंने खार्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना का भी जिक्र किया।

ट्रंप बोले, सीजफायर अब खत्म

ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रहा। अंकारा में उन्होंने कहा कि उनके अनुसार सीजफायर खत्म हो चुका है और वह ईरान के साथ किसी नये समझौते में रुचि नहीं रखते। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि वहां ऐसे लोग सत्ता में हैं जो बेहद खतरनाक और हिंसक हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नये हवाई हमले किये हैं। अमेरिका का दावा है कि उसकी सेना ने बेहद सटीक कार्रवाई करते हुये ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इन अभियानों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार सिस्टम, जहाज रोधी मिसाइल प्रणाली, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस बीच NATO महासचिव मार्क रुट्टे ने अमेरिकी कार्रवाई को जरूरी बताया है। उनका कहना है कि यदि युद्धविराम लागू है तो उसका पालन होना चाहिए। उनके अनुसार, जहाजों पर हुए कथित हमलों के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई उचित थी।

ईरान का पलटवार

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले का दावा किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी सेना और Islamic Revolutionary Guard Corps ने बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी पक्ष ने दावा किया कि कई अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किये गये। वहीं, उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।

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