Ranchi : झारखंड पुलिस की बहादुरी एक बार फिर देशभर में सुर्खियों में है। नक्सलियों के गढ़ में अपनी रणनीतिक कुशलता और जांबाजी से इतिहास रचने वाले राज्य के पुलिस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड के 14 पुलिस अधिकारियों और जवानों को “गृह मंत्रालय दक्षता पदक” से नवाजा है।
अमोल वेणुकांत होमकर को मिला बड़ा सम्मान
इस सम्मान की सबसे बड़ी उपलब्धि IPS अमोल वेणुकांत होमकर के नाम रही। झारखंड में नक्सल मोर्चे पर ‘गेम चेंजर’ कहे जाने वाले होमकर ने अपने नेतृत्व में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन चलाये। उनके साथ IPS माइकल राज, इंद्रजीत महता, सुरेंद्र कुमार झा और मनोज स्वर्गियरी सहित कुल 14 पुलिसकर्मियों को यह सम्मान मिला है।
सरदार पटेल जयंती पर हुआ ऐलान
हर साल 31 अक्टूबर को, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गृह मंत्रालय यह पदक उन पुलिसकर्मियों को देता है जिन्होंने विशेष अभियानों, जांच या फोरेंसिक कार्यों में असाधारण दक्षता दिखाई हो। इस बार झारखंड पुलिस ने यह गौरव हासिल किया है। जनवरी 2025 में शुरू हुआ यह अभियान झारखंड के नक्सल इतिहास का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अप्रैल 2025 में बोकारो और गिरिडीह के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने आठ हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें एक एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली विवेक भी शामिल था।
सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मी
IPS अमोल वेणुकांत होमकर
IPS माइकल राज
IPS इंद्रजीत महता
IPS सुरेंद्र कुमार झा
IPS मनोज स्वर्गियरी
डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार
सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार
सब इंस्पेक्टर मंटू कुमार
कांस्टेबल दीनबंधु शेखर
कांस्टेबल पारस कुमार वर्मा
कांस्टेबल विकास कर्मकार
कांस्टेबल भागीरथ रजवार
कांस्टेबल शिवनंदन हांसदा
कांस्टेबल अजय मेहता








