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International Dance day 2021:जानिए इसका इतिहास और इस बार की थीम

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हर साल इस दिन अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य नृत्य की शिक्षा और उसके आयोजनों में भागीदारी के लिए प्रहोत्सान बढ़ाने के लिए मानाया जाता है। दुनिया के कोने-कोने में इस दिन को एक उत्सव की तरह मनाया जाता है।  इस बार कोविड-19 (Covid-19)महामारी का असर इसके मनाने के तरीके पर पड़ा है लेकिन उत्साह पर नहीं.

इस साल की थीम क्या है ?

अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के मौके पर हर साल एक थीम होती है। ठीक इसी तरह इस साल की थीम ‘पर्पज ऑफ डांस यानी नृत्य का उद्देश्य’ है। ये बात सभी जानते हैं कि नृत्य करने से तनाव दूर होने में मदद मिलती है। जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है, ऐसे में लोगों को तनाव में राहत देने के लिए इस बार की थीम ये रखी गई है।

अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के इतिहास

अंतरराष्ट्रीय नाट्य संस्थान ने साल 1982 में अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस को मनाने का फैसला किया था। आईटीआई यूनेस्को के कला प्रदर्शन की सहयोगी थी। वहीं, बात अगर इसकी करें कि इस दिन के लिए 29 अप्रैल ही क्यों चुना गया, तो यहां आपको बता दें कि आईटीआई ने 29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस आधुनिक बैले के निर्माता जीन जोर्जेस नोवेर को सम्मानित करने के लिहाज से इस दिन को चुना। जीन जॉर्जेस नोवरे का इसी दिन यानी 29 अप्रैल को ही जन्मदिन होता है। ऐसे में उनकी जयंती के मौके पर पूरी दुनिया में इस दिन को नृत्य कला को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग अपनी नृत्य कला को दुनिया के सामने रखते हैं।

दुनिया भर में भेजा जाता है संदेश

हर साल आईटीआई की इंटरनेशनल डांस कमेटी और आईटीआई की एक्जीक्यूटिव काउंसिल बेहतरीन कोरियोग्राफर या नृतक को चुनते हैं दुनिया भर में संदेश भेजते हैं. संदेश के लेखक का चयन यही समिति और काउंसिल करती है. इसके बाद संदेश का दुनिया की तमाम भाषाओं में अनुवाद होता है और इसे पूरी दुनिया में प्रसारित किया जाता है.

कोरोना की मार अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर भी

कोरोना वायरस का असर अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर भी पड़ा है। ऐसे में लोग एक देश से दूसरे देश तो नहीं जा सकते, इसलिए इस दिन को भी बाकी चीजों की तरह ही वर्चुअल मंच पर ही मनाने का फैसला किया गया है

 

 

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