Ranchi : झारखंड में अब पुलिस भरोसे का चेहरा बनने की तैयारी में है। राज्य के सभी थाना और ओपी प्रभारियों के लिये एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई है, जिसका मकसद है व्यवहार में सुधार, कार्रवाई में पारदर्शिता और जनता से बेहतर बर्त्ताव और जुड़ाव। यह प्रशिक्षण 9 सत्रों में होगा। पूरे मई में अभियान चलेगा। यह ट्रेनिंग 5, 7, 11, 14, 18, 21, 25, 28 और 29 मई 2026 को होगी। यह ट्रेनिंग रांची के अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में होगी। इसमें हर जिले के थाना, ओपी प्रभारी इस ट्रेनिंग में शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन DGP तदाशा मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर IG ट्रेनिंग, STF के IG, SIB के IG एवं कार्मिक और रेल पुलिस के अधिकारी मौजूद थे। सभी ने अपने अनुभव से थाना प्रभारियों को व्यावहारिक सुझाव दिये। वहीं, नये आपराधिक कानून BNSS के तहत महिलाओं और बच्चों के मामलों में अनिवार्य प्रावधान। समयसीमा के भीतर कार्रवाई एवं डिजिटल साक्ष्य (E-Sakshya) का उपयोग पर जोर दिया, ताकि जांच तेज, निष्पक्ष और मजबूत हो।
यह सिखाया जायेगा
इस प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों को जमीनी हकीकत से जुड़े अहम पहलुओं पर ट्रेनिंग दी जायेगी।
• जनता के साथ बेहतर व्यवहार (Police Behaviour)
• मीडिया ब्रीफिंग के SOPs
• महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधान
• सर्च और सीजर (Search & Seizure) की प्रक्रिया
• FSL टीम के उपयोग के नियम
• अभियोजन से जुड़े नए प्रावधान
• CCTNS और डिजिटल सिस्टम (Zero FIR, E-Sakshya, GD Timeline)
यानी टेक्नोलॉजी और संवेदनशीलता, दोनों पर फोकस होगा।
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