1. कागज का पहला कारखाना 1879 में लखनऊ में लगाया गया था।
2. मध्यप्रदेश के नेपानगर में अखबारी कागज और होशंगाबाद में नोट छापने के कागज बनाने का सरकार का कारखाना बनाया गया था।
3. आपको बता दे की विश्व की लगभग सभी प्रक्रियाओं की शुरूआत कागज से ही प्रारम्भ होती है कागज व्यक्ति व समाज के विकास में ‘‘आदि और अन्त’’ दोनों प्रकार की भूमिका का निर्वहन करता है।
4. कागज निर्माण की कला का प्रथम सूत्रपात 105 ई0 में चीन की एक इंपीरियल अदालत से सम्बद्ध हान राजवंश के मुख्य शासक हो-टिश के राज दरबार में ‘त-साई-लून’ नामक व्यक्ति ने किया था।
5. चीनमें कागज की खोज के बाद भारतमें कागज निर्माण एवं उपयोग के प्रथम संकेत, सिन्धु घाटी की सभ्यता से मिले।
6. अलबरूनी ने स्पष्ट रूप से विवरण दिया है कि कागज का अविष्कार चीनियों के द्वारा ही किया गया था।
7. क्या आपको पता है की भारत में कागज उद्योग का प्रारंभ मुगल काल में हुआ था जब काश्मीर के सुल्तान जैनुल आबिदीन द्वारा कश्मीरमें प्रथम कागज उत्पादक मिल की स्थापना की गयी।
8. प्रथम कागज उत्पादक मिल की स्थापना सन् 1870 में, कलकत्ता के निकट हुगली नदी के तट पर ‘बाली’ नामक स्थान पर स्थापित की गयी थी।
9. भारत में प्रति व्यक्ति कागज उपभोग 7.2 किलोग्राम है जो अन्य देशों की तुलना बहुत कम है।
10. क्या आपको मालूम है की भारत में यह उद्योग 0.12 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से तथा 0.34 लाख व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार प्रदान करता है।
11. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में कागज उद्योग का कुल टर्नओवर 17,000 करोड़ रूपये था और 2500 करोड़ रूपये भारत सरकार के खाते में राष्ट्रीय योगदान करता है।
12. सेल्यूलोस के रेशों को परस्पर जुटाकर एकसम पतली चद्दर के रूप में जो वस्तु बनाई जाती है उसे कागज कहते हैं।
13. कागज वृक्ष तथा घास में से बनता है कागज रुई या फटे जीर्ण कपड़े में से भी बनता है क्योंकि वृक्ष या पौधों में सेल्यूलोज होता है जो कार्बोहाइड्रेट पदार्थ है।
14. क्या आपको पता है की कागज बनाने के लिए वृक्ष के तने का उपयोग किया जाता है जैसे देवदार,पपलर ,बांस भोज, आदि का प्रयोग किया जाता है ।
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Kohramlive इनकी पुष्टि नहीं करता है.)
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