Ranchi: चालू वित्त वर्ष (2021-22) वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में आयकर विभाग ने इनकम टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। आयकर नहीं चुकाने वालों में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का सहित 250 डिफाल्टर हैं। पूर्व मंत्री पर इनकम टैक्स के 7.74 करोड रुपए बकाया है। सभी डिफॉल्टरों पर करीब 3000 करोड़ की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। 110 डिफाल्टर के बैंक खातों को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है।
कई बड़े व्यापारी, डॉक्टर और अधिकारी शामिल
बड़े डिफाल्टरों में डॉक्टर, व्यापारी, झारखंड ऊर्जा संचरण लिमिटेड आदि भी शामिल है। कई केंद्र सरकार के लोक उपक्रम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने आयकर का भुगतान नहीं किया है।
एनोस के भ्रष्टाचार के 150 करोड़ पहले ही हैं जब्त
झारखंड में मधु कोड़ा की सरकार में मंत्री रहे एनोस एक्का ने भ्रष्टाचार से अकूत संपत्ति अर्जित की थी। इसका खुलासा CBI और प्रवर्तन निदेशालय के अनुसंधान में भी हो चुका है। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मंत्री की 150 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति को पूर्व में ही जब्त कर चुका है। अब आयकर विभाग ने उन्हें डिफाल्टर घोषित किया है। पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर वर्ष 2006-07 का 51 लाख रुपये, 2007-08 का 1.37 करोड रुपये, 2008-09 का 2.75 करोड़ रुपये, 2009-10 का 2.5 करोड़ रुपये 2010-11 का 61 लाख रुपये का टैक्स बकाया है। इस तरह मंत्री पर कुल 7.74 करोड़ का टैक्स बकाया है।
झारखंड ऊर्जा संचरण लिमिटेड पर 125 करोड़ आयकर बकाया
झारखंड ऊर्जा संचरण लिमिटेड पर 125 करोड़ का है आयकर बकाया। झारखंड ऊर्जा संचरण लिमिटेड पर 2017-18 और 2019-20 का कुल 125 करोड़ रुपये का आयकर बकाया है। इसी प्रकार रांची के आलम नर्सिंग होम पर 2011-12 से 2020 21 तक की अवधि का पांच करोड़ रुपये का बकाया था जिसमें से नर्सिंग होम ने 69 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। राजगीर कंस्ट्रक्शन पर आयकर विभाग का 4.2 करोड़ों रुपये का बकाया था, जिसमें से इस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 70 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। केडी सिंह पोल्ट्री पर आयकर का 4.25 करोड रुपये का बकाया होने पर नोटिस जारी किया गया था। भुगतान नहीं करने पर इसके निदेशक राजेश सिंह और दीपक सिंह के बैंक खाते को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है।






