Ranchi: गैर अनुसूचित जिलों में संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई। सुनवाई करते हुए अदालत ने 4 सप्ताह में सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह बताने को कहा है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति आखिर कब तक की जाएगी। बता दें कि कविता शर्मा एवं अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार से यह बात पूछी है।
संस्कृत शिक्षकों: शपथ पत्र के माध्यम से सरकार को देना है जवाब
अदालत को बताया याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि छह अक्तूबर को राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है, जिसमें इतिहास और नागरिक शास्त्र के शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। अगस्त 2019 में नियुक्ति की अनुशंसा के बाद भी अभी तक संस्कृत के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। सरकार की ओर से समय की मांग करते हुए जल्द निर्णय लेने की बात कही गई। इसके बाद कोर्ट ने निर्णय की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से देने का निर्देश दिया।
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