हजारीबाग : झारखंड समेत पूरे देश में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना का खौफ ऐसा कि बगल में कोई छींक या खांस दे तो लोग उसे शंका की नजर से देखने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला हजारीबाग के चौपारण से सामने आया है। जहां एक महिला अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके गया से रामगढ़ अपने ससुराल आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में उल्टी होने पर बस में सवार यात्री कोरोना के डर से महिला का विरोध करने लगे और चौपारण में किसी होटल के पास बस रोककर बच्चों के साथ महिला को बस से उतार दिया और चलते बने। जिसके बाद से महिला और दोनों बच्चे लापता हैं। महिला के ससुर रामाशीष शर्मा ने बुधवार सुबह बरही थाना में महिला और उसके बच्चों के गायब होने की जानकारी दी। बरही थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के बारे में अबतक कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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रामाशीष शर्मा ने बताया कि उनकी बहू रीना देवी अपने दो बच्चों के साथ गया से मंगलवार को 11 बजे सुबह बस से रामगढ़ के लिए रवाना हुई थी। लेकिन इसी बीच चौपारण में उन्हें उल्टी होने लगी। ऐसा देख बस में सवार अन्य यात्रियों ने कोरोना होने के शक में ड्राइवर पर उन्हें बस से उतारने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद बस ड्राइवर ने उन्हें चौपारण के किसी एक होटल के पास में उतार दिया। यह जानकारी रीना ने अपने ससुर को फोन पर दी। रीना ने फोन पर बताया था कि अब वो टेंपो से बरही की ओर आ रही है। लगभग 3 बजे उससे बात हुई। लेकिन उसके बाद ना तो उसका फोन लग रहा है और ना ही उससे कोई संपर्क हो पा रहा है। रामाशीष शर्मा ने बताया कि उनकी बहू की उम्र लगभग 27 वर्ष है। उनकी पोती का नाम लक्ष्मी कुमारी (10) है और पोता का नाम उत्तम कुमार (7) है।










