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जलती थी सहेलियां, करती थी टॉर्चर… सहन नहीं कर सकी थानेदार रूपा

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Sahebganj (Bhawna Thakur) : साहेबगंज की महिला थानेदार रूपा तिर्की की मौत के पीछे छुपे राज अब तक दफन हैं। हालांकि दावा है कि अगर पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश की गई तो कई चौंकानेवाले मामले सामने आ सकते हैं। रूपा की लाश एक दिन पहले उसके क्वार्टर में फांसी के फंदे पर झूलती हालत में पाई गई थी। एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रूपा का पोस्टमार्टम किया गया। वैसे साहेबगंज पुलिस प्रथम दृष्टया थानेदार रूपा की मौत को सुसाइड मानकर चल रही है। पूरे मामले की गहराई से तहकीकात की जा रही है।

इधर, रूपा के घर वाले का आरोप है कि रूपा को इतना टॉर्चर किया गया था कि वह मरने को मजबूर हो गई। रूपा की मां ने खुलासा किया है कि बीते सोमवार को दिन के 3 बजे उनकी बेटी रूपा से फोन पर उनकी बातें हुई थी। तब रूपा ने उन्हें बताया था कि उनकी तरक्की से उनके कुछ साथी और सहयोगी बहुत जलते हैं। थानेदार रूपा को क्वार्टर और गाड़ी मिली हुई थी। 2018 बैच की रूपा को तरह-तरह से टॉर्चर किया जाता था। रूपा ने अपनी मां को यह नहीं बताया था कि उसे किस तरह से टॉर्चर किया जाता है। टॉर्चर करने वालों में पंकज मिश्रा नाम के किसी एक शख्स का भी नाम उछला है। पंकज के बारे में उसकी मां और बहनें नहीं जानती। रूपा रांची के रातू थाना क्षेत्र के काठीटांड बस्ती की रहने वाली थी।

पुलिस जॉब से पहले बैंक पीओ थी रूपा

रूपा के घर वालो ने बताया कि रूपा काफी मृदभाषी होने के साथ ही काफी मिलनसार भी थी।जॉब करने से पहले घर के आसपास के बच्चो को टयुशन पढाती थी।इसी बीच रूपा का बैक ऑफ इंडिया में पीओ के पद पर जॉब लग गया।इसके बाद उसने बीओआई सिसई में काम भी किया। नौकरी लग जाने के बावजुद उसे सुकुन नहीं था। वह पुलिस सेवा के लिए प्रयास करती रही। इसके बाद उसका प्रयास रंग लाया और उसका चयन पुलिस विभाग में हो गया। कुछ ही दिनो में अपने काम से उसने उच्च अधिकारियों को प्रभावित कर दिया। इसके बाद उसे साहिबगंज में महिला थाना प्रभारी बनाया गया।आइये, सुनें रूपा की मां और दोनों छोटी बहनें क्या बोल गईं …

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