Hazaribagh(Sunil Sahu/Pooja Banerjee) : क्या बताये बाबू, पहले टीवी या फिल्मों में देखा या सुना करते थे कि कानून अंधा होता है, पर अब यकीन हो गया। गुजरे चार महीने से मेरा 15 साल का बेटवा गायब है, थाना से लेकर बड़े साहेब तक के पास गये, कुछ नहीं हुआ। उल्टे मुझे थाना से डांट-फटकार भगा दिया जाता है। वहीं, पुलिस बोलती है कि तेरा बेटवा नशा करता था, गंजेड़ी-नशेड़ी था, यह सुन बहुत दुख होता है बाबू, मेरा बेटवा 8 वां क्लास में पढ़ता था। उसका किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं था। शासन-प्रशासन कहता है कि महिलाओं और बच्चों के दुख को दूर करने पर जोर दो, पर यहां तो मेरे साथ उल्टे सबकुछ हो रहा है। बेटा को खोजते-खोजते थक गये, पर उसका कोनो कुछ पता नहीं चल रहा है। उसकी याद में रोते-रोते मेरा आंखों का पानी सुख गया, अब ठीक से दिखाई भी नहीं पड़ता है। अब तो जो कोई मेरा बेटवा को खोज कर लाकर दे देगा, उसे 1 लाख रुपये ईनाम देंगे। यह कहना है एक दुखियारी मां सुनीता देवी का। वह हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के आराहरा गांव में रहती है। सुनीता ने कहा कि उसे शक है कि उसके बेटवा सत्यम को उसके गोतियां के ही कुछ लोग गोटी सेट कर मरवा दिये हैं। मेरा बेटा का मोटरसाइकिल (JH 02 AM 3641) जिस लड़के के घर में मिला, उसके बारे में भी पुलिस को सबकुछ बताये। मुखिया और पुलिस की पहल पर बाइक तो मिल गया, पर बेटवा सत्यम का अब भी कुछ पता नहीं चला। सुनीता का कहना है कि जिस तरह अंश-अंशिका को खोज निकालने के लिये पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंक दी, ठीक वैसे ही मेरा बेटवा सत्यम को खोज दें, हम खुद खोज-खोज कर थक गये हैं। अगर मेरा बेटवा हमको नहीं मिला तो सच में हम मर जायेंगे। सुनें क्या बोले लापता सत्यम की मां सुनीता देवी और पिता प्रदीप महतो…
बेटवा बिना म’र जायेंगे, सुन लो एक दुखियारी मां की पुकार… देखें वीडियो
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