Ramgarh (Prince Verma) : बेशक, चाहे शख्स कोई हो, सबको एक दिन खाक में मिट जाना है, रहेगी तो बस नेक नामी रहेगी, नेकियां करता चला जा, आखरत बन जायेगी, तेरी यादें, तेरी बातें, दुनिया में रह जायेगी। ठीक ऐसी ही कुछ बातें और यादें छोड़ कर चितरपुर प्रखंड से विदा हुये BDO उदय कुमार। दिल अजीज बन चुके BDO उदय कुमार की विदाई बेला पर भीड़ उमड़ गई। ढोल-नगाड़ों के साथ BDO को एक सजी गाड़ी में दूल्हे की तरह बैठाया गया और फिर गाड़ी को धक्का देकर उन्हें विदाई दी गई। विदाई के बेला में मौके पर मौजूद हर किसी के आंखों में आंसू छलक आये। हर किसी की जुबां पर एक ही बात आई… BDO उदय कुमार का काम करने का तौर, तरीका और अंदाज बिल्कुल दूसरे से जुदा था। वहीं, BDO उदय कुमार ने कहा कि चितरपुर की जनता से उन्हें जो प्यार, अपनापन और सम्मान मिला, उसे वो कभी भूल नहीं पायेंगे। उनका यह कार्यकाल ऐतिहासिक रहा। मिले इस प्यार और सम्मान के लिए वे सदा ऋणी रहेंगे। उन्होंने लोगों से यहीं अनुरोध किया कि जिस तरह मुझे प्यार और सहयोग किये, ठीक इसी तरह का मान-सम्मान आने वाले BDO को दें। आज मैं बेहतरीन यादों को समेटे यहां से विदा हो रहा हूं।
इस ऐतिहासिक विदाई के बेला पर 20 सूत्री अध्यक्ष जकाउल्लाह, मुखिया अरविंद सिंह, सुनीता देवी, रीना देवी, शंभू कुमार, पूर्व प्रमुख चन्दन कुमार, आशो कुमारी, संजय नायक, योगेश गुप्ता, कुमार विवेक, यमुना करमाली, अनिल महतो, ब्रम्हानंद पाठक, सिकन्दर अंसारी, सुमित सिन्हा, रविन्द्र कुमार महतो, विक्की नायक, गणेश महतो, अमिताभ गौरव, कमल साव, अफान अंसारी, रोजगार सेवक शत्रुघन सिन्हा, रूपेश कुमार, मो इरशाद, इकरामुल हक, महेंद्र नायक सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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