KohramLive : उस रोज राहुल का मन बहुत अकबक कर रहा था। डिसिजन नहीं ले पा रहा था, आखिर उसे करना क्या है। वो यह सोचकर घर से निकला था कि वो आज खुद को मिटा लेगा। किसी दरिया में कूद या फिर किसी ट्रेन के नीचे लेट अपनी जान दे देगा। अचानक उसकी मासूम बेटी रोने लगी। उसे जोरों की भूख लगी थी। लाचार और एक मजबूर बाप की जेब में तब इतना पैसा भी नहीं था कि वो अपनी बेटी की भूख मिटा सके। जब जेब में सुराख हो जाता है तब पैसों के साथ-साथ तमाम रिश्ते भी गिरते चले जाते हैं। लोग खून का रिश्ता तक भूल जाते हैं। ठीक ऐसा ही हुआ राहुल के साथ। वहीं, 2 साल की बेटी रोई जा रही थी। वो तड़प उठा था। सोचा घर लौट कर जायेंगे तो कर्जदार तंग कर देगा। मासूम बिटिया के लिये चॉकलेट और बिस्किट खरीदे, पर उसकी भूख नहीं मिटी। बेटी दोपहर से भूखी थी। वो रोती रही। बेटी का पेट भरने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। वो बेटी को लेकर कोलार के केनदत्ती गांव की झील किनारे चला गया। यहां पहले बहुत देर तक बेटी के साथ खेल खेलता रहा। बहुत देर तक गले लगाये रहा। भूख से बिलखती बेटी का दम घोंट दिया। बेटी को गले लगाये झील में कूद गया। लेकिन राहुल बच गया। इसके बाद उसने ट्रेन से कटकर जान देने की ठानी। वो बेंगलुरू रेलवे स्टेशन पहुंचा। जहां उसे पुलिस ने पकड़ लिया। राहुल ने ये सारी बातें पुलिस के सामने उगले। राहुल की बीवी भव्या ने पुलिस में कंप्लेन दर्ज कराई थी कि उसका पति राहुल परमार अपनी बेटी के साथ बीते 15 नवंबर के गायब है।
खुद को मारना चाहता था राहुल
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, राहुल ने पुलिस को दिये अपने इकबालिया बयान में खुलासा किया कि वह बेटी को स्कूल ले जाने के बहाने घर से निकला था। वह खुद को मारना चाहता था, लेकिन बेटी के सामने होने के चलते वह फैसला नहीं ले पा रहा था। वह पूरे दिन बेंगलुरु और कोलार के आसपास चक्कर लगाता रहा। शाम को झील के पास कार रोककर वह बहुत देर तक सोचता रहा कि क्या करना चाहिए। उसने घर लौटने के बारे में भी सोचा, लेकिन उसे डर सताता रहा कि अगर वह घर लौटा तो कर्ज देने वाले उसे परेशान करेंगे। इसके बाद झील के पास एक दुकान से अपनी बेटी के लिए चॉकलेट और बिस्किट खरीदे, लेकिन बेटी दोपहर से भूखी थी, इसलिए वह रोती रही। राहुल के पास बच्ची को कुछ और खिलाने के लिये पैसे नहीं थे। इसलिए उसने बच्ची के साथ जान देने का फैसला लिया। वह खुद बच गया, पर बेटी मर गई।
दो साल पहले शिफ्ट हुआ था बैंगलोर
लगभग 44 साल का राहुल परमार के बारे में पुलिस ने खुलासा किया कि वह गुजरात का रहनेवाला है। करीब दो साल पहले अपनी पत्नी भव्या के साथ बेंगलुरू शिफ्ट हुआ था। वह टेक्नीशियन था। राहुल बीते छह माह से बेरोजगार था। उसे अपने बिजनेस में भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ था। उसने अपने घर से सोने के जेवरात चोरी हो जाने की झूठी रपट भी दर्ज करवाई थी। दरअसल, राहुल ने खुद अपने घर से गहने चुराये थे। उसे गिरवी रख दिया था। पुलिस का मानना है कि चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखवाने के मामले में कार्रवाई के डर की वजह से उसने बेटी की जान ले ली। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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