Kohramlive : सियासत के गलियारों से लेकर अदालत की चौखट तक, एक बार फिर गूंजने लगी है देवघर चारा घोटाले की आवाज। इस बार चर्चा है लालू प्रसाद यादव की सजा को लेकर, जिसे लेकर CBI ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अब अदालत ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। CBI की दलील साफ है जब घोटाले में शामिल एक सह आरोपी जगदीश शर्मा को सात साल की सजा मिली, तो फिर मास्टरमाइंड लालू प्रसाद यादव, पूर्व IAS बेक जूलियस और ट्रेजरी अफसर सुवीर भट्टाचार्य को साढ़े तीन साल की सजा क्यों…
जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस अंबुज नाथ की खंडपीठ ने CBI की इस अपील पर मुहर लगाते हुये केस को विस्तृत सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। अब आगे क्या होगा, यह तो अदालत तय करेगी, लेकिन लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। CBI के अधिवक्ता दीपक कुमार भारती ने अदालत के सामने कहा “जो व्यक्ति इस पूरे घोटाले का सूत्रधार था, उसे मामूली सजा क्यों? यह न्याय के साथ असंतुलन है।”








