Kohramlive : शहरों की धड़कती सड़कों और गांवों की मिट्टी से उठती उम्मीदों को एक नई राह मिल गई है। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश (एमवीएजी) 2025 जारी कर दिये हैं। एक ऐसा फैसला, जिसे उद्योग ने राहत की सांस की तरह लिया है और आम जनता ने उम्मीद की नजर से देखा है।
अब पीक टाइम में किराया होगा दोगुना, पर मनमानी नहीं
अब कैब कंपनियां जैसे उबर, ओला और रैपिडो पीक ऑवर्स में बेस किराए से दोगुना तक वसूल सकेंगी। वहीं, कम भीड़-भाड़ के समय में किराया बेस रेट के 50% से कम नहीं होगा। पहले जहां कंपनियां 1.5 गुना तक चार्ज करती थीं, अब उन्हें ज़्यादा लचीलापन मिलेगा, but under watch.
यात्रा रद्द की, तो जेब से जाएगा पैसा
ड्राइवर अब यूं ही बुकिंग कैंसिल नहीं कर पाएंगे। अगर बिना ठोस वजह के यात्रा रद्द की गई, तो 10% तक जुर्माना लगेगा। अधिकतम 100 रुपये तक। इससे यात्रियों को बार-बार “ड्राइवर ने कैंसिल किया” सुनने से राहत मिल सकती है।
बाइक टैक्सी को मिला ‘कानूनी नाम’
अब सरकार ने साफ कह दिया है निजी मोटरसाइकिलों को भी राइड-शेयरिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फैसला रैपिडो और उबर जैसी कंपनियों के लिए तोहफ़े से कम नहीं, जो अब तक कानूनी ग्रे ज़ोन में फंसी थीं।
रैपिडो बोला – गांव-गांव तक पहुंचेगी सवारी
रैपिडो ने कहा, “अब छोटे शहरों और बस्तियों में भी सस्ती सवारी पहुंचेगी। यही नहीं, ट्रैफिक और प्रदूषण जैसे शहरी राक्षसों से भी लड़ाई आसान होगी।” आखिरी मील तक सवारी पहुंचाना अब सपना नहीं, योजना बन गई है।
उबर ने जताया भरोसा
उबर ने इसे सरकार का दूरदर्शी कदम बताया और कहा कि वे राज्यों के साथ मिलकर इस नये फ्रेमवर्क को सफल बनाने में हरसंभव मदद करेंगे।
क्या बदलेगा
साझा सवारी अब आसान, सस्ती और कानूनी होगी
लाखों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा
ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या में राहत
तकनीक और नियमों का बेहतर संतुलन












