Kohramlive : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ संभावित युद्ध की आशंका के बीच भारत में ऊर्जा बाजार को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई शहरों से LPG सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुये अनिवार्य वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act, 1955) लागू कर दिया है।सरकार का मकसद साफ है कि घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और जमाखोरी पर सख्त रोक लगाना।
सरकार का नया आदेश क्या है?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे कुछ खास हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने में न करें। अब इनका उपयोग सीधे LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जायेगा, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता मिल सके।
कंपनियों और बाजार पर असर
• रिफाइनरियां अब गैस का उपयोग घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने में करेंगी।
• IOCL, BPCL और HPCL को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्देश।
• गैस एजेंसियों और डीलरों के स्टॉक की जांच होगी।
• जमाखोरी या कालाबाजारी करने पर कानूनी कार्रवाई और जेल तक हो सकती है।
सरकार का दावा
अधिकारियों के मुताबिक भारत के पास फिलहाल करीब 74 दिनों का तेल भंडार सुरक्षित है। गैस की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि युद्ध की खबरों से पैनिक बुकिंग बढ़ने के कारण अस्थायी किल्लत दिख रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं।
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