Ranchi : रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुये अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये। कर्मशाला में कृषि प्रभाग के कई निदेशकों की अनुपस्थिति पर कृषि मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
मंत्री ने कही ये बातें
- किसानों के हित में काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान मिलेगा।
- लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
- किसानों के लिये समय पर बीज और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
- जिम्मेदारी को “धर्म” की तरह निभाने का निर्देश दिया गया।
- कृषि मंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष कम बारिश की संभावना है, जिससे सूखे की स्थिति बन सकती है।
सूखे से निपटने के लिए तैयारियां
- जिलों को पहले ही कंटिंजेंट प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया था।
- कर्मशाला में सभी जिलों ने अपने-अपने प्लान का प्रेजेंटेशन दिया।
- किसानों तक समय पर सूखे से संबंधित जानकारी पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है।
- खरीफ कर्मशाला 2026 से जुड़ी जानकारी आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
- 15 मई से जिला स्तरीय एक्शन प्लान शुरू होगा।
- कृषि मंत्री ने अधिकारियों को एक्शन मोड में काम करने का निर्देश दिया।
ये दिये गये प्रमुख निर्देश
- 15 मई को जिला स्तरीय बैठक आयोजित होगी।
- 20 मई को हर जिले में खरीफ मेला आयोजित किया जायेगा।
- प्रत्येक मेले में 500 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
- सॉइल टेस्टिंग काउंटर लगाने का निर्देश दिया गया।
- 22 मई को प्रखंड स्तर पर भी खरीफ मेला आयोजित होगा।
- हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
- बीज वितरण एसएचजी और एफपीओ के माध्यम से कराने पर जोर दिया गया।
- कृषि मंत्री ने पशुपालन, मत्स्य, सिंचाई और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
अन्य अहम निर्देश
- पशुओं की दवाइयों की निविदा और वितरण समय पर पूरा हो।
- मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा करने का निर्देश।
- मत्स्य बीज वितरण समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।
- सोलर पंप, ड्रिप इरिगेशन और भूमि संरक्षण योजनाओं के सख्त अनुपालन पर जोर।
- कर्मशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के तरीकों पर जानकारी दी।
विशेषज्ञों के सुझाव
- डॉ. अखलाक अहमद ने धान की उपयुक्त किस्मों के चयन पर जानकारी दी।
- डॉ. अशोक कुमार सिंह ने उन्नत धान खेती और अधिक पैदावार के वैज्ञानिक तरीके बताये।
- डॉ. अरुण कुमार ने मिलेट्स खेती और सॉइल कंजर्वेशन पर प्रस्तुति दी।
- मौसम और भूमि के अनुसार फसल चयन पर जोर दिया गया।
- सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के उपायों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, ताकि किसानों को जागरूक किया जा सके।
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