Ranchi : राजधानी रांची से सटे बुढ़मू थाना क्षेत्र के उमेडंडा गांव में मंगलवार को डर के मारे तमाम दुकानें और बैंक बंद रहे। शटर गिरी दुकानें इस बात के गवाह बने कि उमेडंडा में गिने-चुने चंद गुंडों की हुकूमत चलती है। दबी जुबां से कुछ लोगों ने बताया की बीते कल रात में हथियारबंद गिने-चुने पांच लोग उमेडंडा बाजार पहुंचे और मंगलवार को दुकानें बंद रखने का फरमान सुना कर चले गये। प्रतिरोध करने वाले को लप्पड़-थप्पड़ भी मारे। इस बात की फैली खबर के बाद बुढ़मू पुलिस ने आज उमेडंडा गांव में पेट्रोलिंग बढ़ा दी, वहीं दुकानदारों से दुकानें खोलने का आग्रह कर उनमें समाये डर-भय को दूर करने की भरपूर कोशिश की, पर डर के साये में जी रहे दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोली। आवाजाही भी नहीं के बराबर रही। सड़कों पर विरानी छाई रही।
उमेडंडा गांव के कुछ लोगों का कहना था कि रंगदारी वसूली को लेकर इलाके में गुंडों का आपस में ही वर्चस्व का खेल होते रहता है। उमेडंडा गांव में इन दिनों VKS तिवारी संगठन के पहाड़ी दस्ता के नाम का आतंक है। कहते हैं कि उग्रवादी संगठन TSPC से अलग होकर बागी कुछ लोगों ने यह संगठन बनाया है। पहाड़ी दस्ता के सदस्यों ने उमेडंडा बंद क्यों किया, इसका अभी तक कोई कारण सामने नहीं आ सका है। बुढ़मू थाना क्षेत्र में TPC के साथ-साथ पहाड़ी दस्ता के नाम का आतंक है। बालू की कमाई में अवैध उगाही को लेकर हर क्रिमिनल ने अपने नाम का खौफ बनाने में अपनी ताकत झोंक रखी है। पुलिस का दावा है कि दुकानदारों को डराने-धमकाने वाले चंद गुंडों के नाम और उनके ठिकानों के बारे में पता चल गया है, पुलिस अपना काम कर रही है।
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