Ranchi : बेरहम मौसम की दस्तक से पहले जब खेत सूखने लगे हैं और आसमान में बादल सिर्फ झलक दिखाकर लौट जाते हैं, तब झारखंड की धरती पर एक उम्मीद बरसी है। CM हेमंत सोरेन सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जून, जुलाई और अगस्त का राशन तीन महीने का अन्न – एक साथ मिलेगा। न लाइनें लंबी होंगी, न पेट खाली रहेंगे। झारखंड के खाद्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि, “हमारी सरकार गरीबों की सरकार है। हम उनके लिये खड़े हैं जिनके घर की रसोई में चूल्हा सबसे पहले बुझता है।” राज्य के 2.88 करोड़ कार्डधारकों के लिये यह फैसला एक सौगात है।
डॉ. अंसारी खुद निगरानी करेंगे। डीएसओ से लेकर एफसीआई तक हर अधिकारी को अलर्ट कर दिया गया है। “सड़ा-गला अनाज बर्दाश्त नहीं होगा”, उन्होंने दो टूक कहा। गोदाम, लॉजिस्टिक्स, क्वालिटी कंट्रोल—हर मोर्चे पर मुस्तैदी का ऐलान हो चुका है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राहत सिर्फ घोषणा से नहीं, जमीन पर उतरने से मिलती है। गांव की उस वृद्धा के लिये, जो हर साल बाढ़ से पहले बेटे को पूछती है, “इस बार अनाज कब मिलेगा?” इस बार जवाब पहले ही आ गया है।












