New Delhi : नई दिल्ली से झारखंड के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आई है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव के साथ झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अहम बैठक हुई। करीब एक घंटे चली इस बैठक में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और आम जनता के लिए सुलभ बनाने को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्तावों पर सैद्धांतिक मंजूरी देकर साफ कर दिया है कि झारखंड को अब हेल्थ सेक्टर में पूरी ताकत दी जायेगी।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि झारखंड को पहला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मिलने का रास्ता साफ हो गया है। आजादी के दो दशक बाद भी आयुर्वेदिक कॉलेज से वंचित रहे झारखंड के लिए यह ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र के सामने मजबूती से यह मुद्दा रखा कि खनिज और औषधीय पौधों से भरपूर राज्य में आयुष चिकित्सा की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र ने एक सरकारी और एक निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर सहमति जता दी है।
आधुनिक इलाज की दिशा में भी बड़ा फैसला हुआ है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और रांची सदर अस्पताल में जापानी तकनीक से लैस हाईटेक लैब स्थापित की जायेंगी। इससे गंभीर बीमारियों की जांच अब झारखंड में ही संभव होगी और मरीजों को दिल्ली, कोलकाता या दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। डॉक्टरों की भारी कमी को देखते हुये MBBS और PG सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी आगे बढ़ा है। धनबाद के SNMCH और जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज सहित अन्य संस्थानों में MBBS सीटें 100 से बढ़ाकर 250 तक करने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञ टीम के निरीक्षण के बाद इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जायेगा।
इलाज के साथ बेहतर माहौल पर भी फोकस किया गया है। राज्य के सभी जिलों में वेलनेस हेल्थ सेंटर यानी हेल्थ कॉटेज बनाये जायेंगे, जहां मरीजों को बेहतर सुविधा और सम्मानजनक वातावरण मिलेगा। इस योजना में केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में खर्च साझा करेंगे। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ स्वास्थ्य योजना, जिसके तहत गरीब परिवारों को ₹15 लाख तक मुफ्त इलाज दिया जा रहा है, उसे भी केंद्र का सहयोग मिलने के संकेत मिले हैं। केंद्रीय मंत्री ने तुरंत दो अस्पतालों के नाम भेजने को कहा है ताकि योजना को राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल सके। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के हेल्थ मॉडल की जमकर तारीफ की और कहा कि केंद्र सरकार राज्य को उसका पूरा हक देगी। उन्होंने जल्द झारखंड आकर योजनाओं की समीक्षा करने का भी भरोसा दिया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस बैठक को झारखंड के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इन फैसलों से राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवायें जमीन पर मजबूत होंगी।








