Ranchi (Sanjay/Preeti) : आदमी से आदमी को दूर कर गया था कोराना वायरस। लोगों का एक दूसरे से मिलना जुलना तक बंद हो गया था। कल तक एक दूसरे के सुख-दुख में हाथ बंटाने वाले घरों में दुबके पड़े थे। हर किसी को एक ही डर सता रहा था… वह था कोरोना वायरस। एक लंबे अंतराल तक कोरोना की जकड़ में इंसान हंसना-बोलना तक भूल गया था। नाते-रिश्तेदार भी दूर होते जा रहे थे। शादी ब्याह में शिरकत करने से भी कतराने लगे थे। इसका सबसे घातक असर पड़ था मानस पटल पर। लोग डिप्रेशन के शिकार तक होने लगे। कइयों ने खुद को मिटा डाला, तो कई दवा पर चले गये। इन सब चीजों से उबरने के लिए GOE ने एक नया तरीका अपनाया है। क्रिकेट टूर्नामेंट के जरिये एक दूसरे को करीब लाने का छोटा सा प्रयास खेल के मैदान से GOE ने शुरू किया है। यह कहना है GOE के फाउंडर सुधा पटनायक सिंह और कोर मेंबर राघव जालान का।
सुधा बताती हैं कि खेल के मैदान में लोग अपना गम भूलकर आते हैं। हंसते हैं, खेलते हैं, एक-दूसरे को सुनते हैं। वहीं, मन भी गदगद रहता है। कुछ पल के लिए ही सही पर लोग अपने दुख को भूल जाते हैं, जिसका सीधा असर सेहत पर दिखाई देने लगा है। कल तक घर से निकलने में हिचकने वाले अब खेल के मैदान तक आते हैं। अब डर नहीं सताती। बड़ा सुकून मिलता है यह नजारा देख कर। खेल के मैदान में ज्यादातर बिजनेसमैन का जुटान होता है। वहीं बिजनेस कोआगे बढ़ाने की रण नीति पर भी चर्चा होती है। लालपुर के पैंटलून्स की छत पर बने स्टेडियम में आज खूब छक्के-चौके भी उड़ाये गये। सुनें क्या बोले GOE के खिलाड़ी सदस्य…
View this post on Instagram

इसे भी पढ़ें : गैंगरेप की शिकार विवाहिता के सामने रखी शर्त सुन पुलिस के होश उड़े… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : लोग ताकते रह गये, जवान लड़की ने लगा ली छलांग… देखें
इसे भी पढ़ें : खुद मारकर फेंका, डेड बॉडी खोजने का करता रहा नाटक… देखें वीडियो












