रांची : क्या बतायें सर आपको, एक बार नहीं 7-7 बार अपनी लाज बचायें किसी तरह। लोक-लाज का डर ऐसा कि न तो घर में कुछ बताया और ना ही पुलिस को। बदमाशों की बुरी नजर मुझपर गड़ी हुई थी। बाद में मैंने अपना आने-जाने का रास्ता ही बदल लिया। अकेले ऐसे हम नहीं मेरी जैसी अनेकों हैं, जिसका जीना हराम हो गया है। ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब उस राह से गुजरने वाली महिला या लड़कियों को अश्लील फब्तियां और छेड़ा न जाता हो। जानते हैं इस सबका सबसे बड़ा जी का जंजाल है एक दारू का दुकान। इस दारू के दुकान के पीछे एक कब्रगाह भी है। वैसे कब्रगाह तो पवित्र स्थल माना जाता है, लेकिन इन पापियों ने उसे भी अपवित्र कर रखा है। दुकान से लेता है दारू और पीछे शुरू हो जाता है चखना के साथ। इस दारू दुकान के बिल्कुल करीब एक स्कूल और एक चर्च है। हर कोई इन खुराफातों से है परेशान, पर उनमें डर ऐसा कि सामने बोलने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता। शराब पीकर गाली-गलौज मारपीट करना यहां कोई चौंकाने वाली बात नहीं रह गई। यह रोज का लफड़ा है। यह कहना है 13 साल की एक लड़की का। इस लड़की की तरह कई अन्य लड़कियां भी है, जो उस राह से आते जाते रोज आहात होती है। सबका दुखड़ा एक। सबको बस एक ही पाल का इंतजार है कि कब उन्हे सुकून की ज़िंदगी मिल सके और वो बेखौफ होकर स्कूल और चर्च जा सके।
हाईवे, स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकान खोलने से संबंधित कड़े नियम लागू हैं, लेकिन उत्पाद विभाग के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। रांची-जमशेदपुर हाइवे पर स्कूल और चर्च के सामने 20 मीटर की दूरी पर ही शराब दुकान खुला है। कई बार स्थानीय विधायक और पुलिस तक शिकायत पहुंची फिर भी कुछ नहीं हुआ।
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