Garhwa(Nityanand Dubey) : अफीम की खेती हो या गांजा-चरस की तस्करी, अब गढ़वा में नशे के अवैध कारोबार पर प्रशासन सीधा प्रहार करेगा। नशीली दवाओं और कफ सिरप की अवैध बिक्री पर भी शिकंजा कसेगा। DC पशुपति नाथ मिश्रा ने साफ कहा है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। बुधवार को समाहरणालय में आयोजित NCORD समिति की बैठक में नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना मिलते ही कार्रवाई करने को कहा गया।
बिना पर्ची नशीली दवा बेची तो कार्रवाई
दवा दुकानों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। ड्रग इंस्पेक्टर को कफ सिरप और नशीली दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है। बिना चिकित्सकीय पर्ची बिक्री और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी भी की जायेगी। प्रशासन ने नशे के खिलाफ लड़ाई को गांवों और शैक्षणिक संस्थानों तक ले जाने की तैयारी की है। स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणाम बताये जायेंगे। DC ने कहा कि लक्ष्य केवल नशे के कारोबार पर रोक लगाना नहीं, बल्कि युवाओं को इसकी गिरफ्त में जाने से बचाना भी है।
अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को नशे की खेती, उत्पादन, परिवहन, तस्करी और अवैध भंडारण पर नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। पुलिस, प्रशासन, शिक्षा और उत्पाद विभाग मिलकर कार्रवाई करेंगे। DC ने आम लोगों से भी नशे के अवैध कारोबार की सूचना प्रशासन को देने की अपील की। सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 14416 / 1800-89-14416 जारी किया गया है। बैठक में पुलिस, शिक्षा, वन, उत्पाद और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिले के अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने भी वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।





