Garhwa(Nityanand Dubey) : 172वीं CRPF बटालियन के प्रांगण में आज शौर्य की गूंज थी, आंखों में गर्व और दिलों में सम्मान लिये जवानों ने 9 अप्रैल 1965 की उस ऐतिहासिक वीरगाथा को याद किया, जब CRPF की छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तान की इन्फेंट्री ब्रिगेड को सरदार पोस्ट, कच्छ (गुजरात) पर धूल चटा दी थी। कमांडेंट नृपेन्द्र कुमार सिंह ने जवानों को वीरता की उस कहानी से रुबरु कराते हुये कह, “हमारे सात वीरों ने बलिदान देकर देश की रक्षा की, जिनकी गाथा स्वर्ण अक्षरों में इतिहास में दर्ज है। ये दिवस प्रेरणा का स्रोत है, कर्तव्य की कसौटी है।”
इस मौके पर गढ़वा के लाल, शहीद सिपाही आशीष कुमार तिवारी (शौर्य चक्र मरणोपरांत) के पिता अरविंद तिवारी को सम्मानित किया गया। वहीं, पुलिस मेडल (वीरता) से सम्मानित उप कमांडेंट यू.आर. रामेश्वरम और सहायक कमांडेंट नीरज कुमार को भी सलामी दी गई। समारोह में द्वितीय कमान अधिकारी कुलदीप कुमार, डॉ. आस्था कोहली, डॉ. शेंकी चंडोक, सूबेदार मेजर रणवीर सिंह सहित बटालियन के अन्य अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।




