Maharashtra : महाराष्ट्र के अकोला से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गे बैंक अधिकारी को ‘डेटिंग ऐप’ के जरिये फंसाकर गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया। पीड़ित अधिकारी ने पुलिस को बताया कि 14 जून को उसकी एक युवक मनीष नाईक से समलैंगिक डेटिंग ऐप पर बातचीत शुरू हुई। मनीष ने उसे हिंगणा फाटे के पास बुलाया। वहां से दोनों एक सुनसान नदी किनारे पहुंचे। पहले मनीष ने पीड़ित के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाये, फिर अपने तीन साथियों को भी बुला लिया, जिन्होंने मिलकर पीड़ित के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया। चारों आरोपियों ने वीडियो के जरिये पीड़ित को डराकर किस्तों में कुल ₹79,300 वसूल लिये। परेशान होकर पीड़ित ने खदान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के पास सिर्फ मोबाइल नंबर था, लिहाजा पीड़ित ने मिलने का नाटक किया, जिससे पुलिस दो आरोपियों को पकड़ने में सफल हुई। बाकी दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी मनीष के पास विशेष इंजेक्शन थे, जिनसे पीड़ित को उत्तेजित किया जाता था। इसके बाद उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर ब्लैकमेल किया जाता था।
संभव है पहले भी कई पीड़ित हों
पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी कई LGBTQ+ लोगों को इसी तरह फंसा चुका है। अन्य पीड़ितों से सामने आने की अपील की गई है, ताकि इस खतरनाक नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ किया जा सके। डिजिटल रिश्तों में सतर्कता जरूरी है। भरोसे से पहले जांच और अकेले मिलने से पहले सोचें, क्योंकि हर प्रोफाइल के पीछे एक चेहरा इंसानियत का नहीं भी हो सकता।






