UP : लखनऊ के बांदा जेल से जिस कैदी के गायब होने की खबर सामने आई थी। डीजी जेल के दफ्तर ने कैदी के फरार होने का ऑफिशियल ऐलान कर दिया था। और जिसे पुलिस की एक दर्जन टीमें ढूंढ रही थीं वह जेल के अंदर ही बड़ी-बड़ी घास में छुपा हुआ मिला। बांदा जेल में कल एक 22 साल का कैदी विजय आरख शाम को करीब सात बजे गायब हो गया था। दिन में वह जेल के फार्म पर खेतीबाड़ी का काम करने गया था। जिसके बाद वह नहीं मिला था। जिसके बाद उसकी खोज में पुलिस लग गई थी। जेल के अफसरों का कहना है की कैदी चोर है उसने खुद को जेल के अंदर कहीं छिपा लिया होगा। जिसके बाद सारी रात बड़ी-बड़ी लाइटें लेकर जेल वाले और पुलिस वाले उसे ढूंढते रहे। फिर सुबह सूरज की रोशनी में उसे तलाशा गया, लेकिन वह नहीं मिला।

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डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप की नजर फरार कैदी पर पड़ा
सरकार ने तब राहत की सांस ली जब आज बांदा जेल के डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप की नज़र “फरार” कैदी पर पड़ गई। वह जेल की बड़ी-बड़ी घास के अंदर बैठा था। जेल महकमे की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि “वह बड़ी-बड़ी घास के नीचे सांस रोककर छुपा मिला। जेल महकमे के मुताबिक वह एक बड़े बांस के ज़रिए जेल से भागना चाहता था। वह एक दीवार फांद भी गया था लेकिन कमर में चोट लग जाने की वजह से दूसरी दीवार नहीं फांद सका। वह मार खाने से बचने के लिए घांस में छुप गया था।
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