Ranchi : अब झारखंड की कानून व्यवस्था को नया कलेवर मिलने वाला है। राज्य सरकार ने छह जिलों हजारीबाग, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, दुमका और पलामू में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड थानों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 150 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। गृह विभाग ने इसकी मंज़ूरी पहले ही दे दी है और अब झारखंड पुलिस भवन निगम जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इन इंटीग्रेटेड थानों की खास बात यह होगी कि ये थाने एक ही बिल्डिंग में चार विशेष इकाइयों को समेटेंगे, जैसे महिला थाना, साइबर थाना, SC/ST थाना एवं मानव तस्करी रोकथाम इकाई (AHTU)। यानी अब फरियादियों को अलग-अलग थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
इन थानों में महिलाओं के लिये अलग बैरिक की व्यवस्था होगी। वहीं, सुरक्षा और सुविधा दोनों की दृष्टि से ये भवन अत्याधुनिक तकनीक से लेस होंगे। डिजिटल रजिस्ट्रेशन से लेकर CCTV निगरानी, साइबर लैब और ई-कैमरा ट्रैकिंग तक की सुविधा इन थानों में मौजूद होगी। एकीकृत ढांचे से जहां समन्वय और जवाबदेही बढ़ेगी, वहीं शिकायतों के त्वरित निपटारे में भी मदद मिलेगी। पुलिसकर्मियों को अब अलग-अलग इकाइयों के बीच समन्वय बनाने में आसानी होगी और आम नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी सेवाओं की सुविधा मिलेगी।








