- सीएमओ से समय पर नहीं मिला लेटर ऑफ रेफरेंस
kohramlive desk : यूपी की राजधानी लखनऊ के अस्पतालों में बेड नहीं मिलने के कारण कोरोना की चपेट में आए रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व जासूस मनोज रंजन की सोमवार को मौत हो गई।
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सरकारी सिस्टम का जाल
जानकारी के अनुसार, रॉ के पूर्व जासूस मनोज रंजन कोरोना की चपेट में आ गए थे। उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें न तो अस्पताल मिले और ना ही किसी अस्पताल में बेड। सरकारी सिस्टम के जाल में उलझकर रॉ के इस पूर्व जासूस ने लखनऊ में दम तोड़ दिया।
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पत्र मिलने में लगे 18 घंटे
बताया जाता है कि मनोज रंजन को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का पत्र नहीं मिला। मनोज रंजन के परिजनों ने उनकी हालत का उल्लेख करते हुए लखनऊ के सीएमओ से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की गुहार भी लगाई थी,लेकिन सिस्टम का मायाजाल ऐसा कि सीएमओ साहब का पत्र मिलते-मिलते 18 घंटे का समय गुजर गया।
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