Ranchi : झारखंड बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब 25 से ज्यादा नक्सलियों ने एक साथ हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सारंडा के जंगलों से निकले इन उग्रवादियों के आत्मसमर्पण ने सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता दिलाई है। गुरुवार को धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 JJMP उग्रवादियों ने आधिकारिक रूप से सरेंडर किया। इनमें कई ऐसे नाम शामिल हैं, जो लंबे समय से पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हुये थे। सबसे अहम बात यह है कि आत्मसमर्पण करने वाले आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इन सभी के खिलाफ मिलाकर 426 से ज्यादा नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति रंग लाई
CRPF, झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग पिछले कई महीनों से सारंडा और आसपास के इलाकों में लगातार ऑपरेशन चला रहे थे। वहीं सरेंडर कराने वालों में एक ऐसे चर्चित पुलिस अधिकारी भी शामिल है, जिन्होंने कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के सरेंडर में भी अहम भूमिका निभाई थी। सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक महीने से दो दर्जन से अधिक नक्सली जंगल छोड़कर बाहर आने की कोशिश में थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इस सामूहिक सरेंडर को झारखंड में नक्सल नेटवर्क के कमजोर पड़ने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
हथियारों का बड़ा जखीरा भी सौंपा
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस के हवाले किये। इनमें शामिल हैं—
- 1 लाइट मशीन गन (LMG)
- 5 इंसास राइफल
- 9 एसएलआर राइफल
- 1 बोल्ट एक्शन राइफल
- 1 पिस्टल
- 31 मैगजीन
- करीब 3000 जिंदा कारतूस
किन पदों के नक्सलियों ने किया सरेंडर?
- 7 जोनल कमांडर
- 7 एरिया कमांडर
- 13 सक्रिय कैडर
बड़े इनामी नक्सली जिन्होंने छोड़ा लाल रास्ता
गादी मुंडा उर्फ गुलशन
रांची के बुण्डू का रहने वाला। 5 लाख का इनामी। चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी में 48 मामले दर्ज।
नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा
खूंटी के अड़की का निवासी। 5 लाख का इनामी। चाईबासा और सरायकेला में 38 केस दर्ज।
रेखा मुंडा उर्फ जयंती
5 लाख की इनामी महिला नक्सली। चाईबासा और सरायकेला में 18 मामले दर्ज।
सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल
गोइलकेरा का रहने वाला। 5 लाख का इनामी। अकेले चाईबासा में 123 मामले दर्ज।
करण तियू
2 लाख का इनामी। चाईबासा में 29 केस।
दर्शन उर्फ बिंज हांसदा
5 लाख का इनामी। 14 मामले दर्ज।
सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा
5 लाख का इनामी। 13 मामले दर्ज।
बासुमती जेराई उर्फ बासू
1 लाख की इनामी महिला नक्सली। 14 केस दर्ज।
इसके अलावा बैजनाथ मुंडा, रघु कायम, किशोर सिरका और रामदयाल मुंडा समेत कई सक्रिय नक्सलियों ने भी सरेंडर किया।
महिला कैडरों की भी बड़ी संख्या
सरेंडर करने वालों में महिला कैडरों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, बसंती देवगम, सपना कालुंडिया, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी समेत कई महिला उग्रवादियों ने भी हथियार छोड़ दिए।
JJMP के दो उग्रवादी भी मुख्यधारा में लौटे
भाकपा (माओवादी) के अलावा JJMP संगठन के दो सदस्य भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल रहे।
- सचिन बैक — 5 लाख का इनामी, गुमला में 6 मामले दर्ज
- श्रवण गोप — गुमला में 8 मामले दर्ज
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