नये साल की पहली सुबह: बदले सोच, बदले तकदीर…

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Kohramlive : नया साल सिर्फ कैलेंडर का पन्ना पलटने का नाम नहीं होता, यह खुद से नये सिरे से मिलने और जिंदगी को नई दिशा देने का मौका होता है। ज्योतिष और परंपरायें कहती हैं, साल का पहला दिन जैसा बीते, पूरा साल वैसा ही रंग पकड़ लेता है। इसलिए 1 जनवरी की सुबह को खास बनाना जरूरी है। सूरज उगने से पहले उठिये। कुछ पल आंख बंद कर ध्यान और प्रार्थना कीजिये। मन में अपने संकल्प दोहराइये, डर नहीं, भरोसा रखिये। तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें, माना जाता है इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।

लक्ष्य लिखिये, भविष्य खुद आकार लेगा

नये साल के 3 से 5 लक्ष्य कागज या डायरी में लिखिये। जैसे, सेहत सुधरनी चाहिये, नया हुनर सीखना है, आर्थिक स्थिति मजबूत करनी है, अधूरे सपनों को पूरा करना है, लिखा हुआ लक्ष्य इंसान को रोज खुद से जवाबदेह बनाता है। वहीं, कहते हैं, दान से खुले सौभाग्य के द्वार। इसलिये जरूरतमंदों को कपड़े, कंबल, अनाज या सामर्थ्य अनुसार धन दान करें। गौशाला में चारा दान विशेष पुण्यदायी माना गया है। दान सिर्फ देने का नाम नहीं, यह मन का बोझ हल्का करने का रास्ता है।

घर की सफाई, मन की शांति

पुराने, टूटे-फूटे और बेकार सामान को घर से बाहर करें। सफाई के बाद कपूर जलायें या गंगाजल छिड़कें। मान्यता है कि
जहां स्वच्छता, वहां लक्ष्मी का वास करती है। लड्डू गोपाल को ऊनी वस्त्र पहनायें, मीठे का भोग लगायें, प्रेम भाव से पूजा करें। इससे घर में प्रेम, संतुलन और सकारात्मकता बनी रहती है। नया साल मुबारक हो, इस बार सिर्फ तारीख नहीं, तक़दीर भी बदलिये।

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

रांची में 15 पुलिस अधिकारी इधर से उधर… देखें लिस्ट

Ranchi : राजधानी रांची में 15 पुलिस अधिकारियों को...

नहाते ही बदन पर रेंगते हैं छोटे-छोटे कीड़े… देखें वीडियो

Ranchi(Akhilesh Kumar) : रांची से सटे नामकुम के लालखटंगा...

बुढ़ियाडाबर में मां भगवती-हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ शुरू…

Chouparan(Krishna Paswan) : चौपारण के ब्रहमोरिया पंचायत के बुढ़ियाडाबर...